Ladli Behna Yojana 33rd Installment: लाड़ली बहना योजना की किश्त का इंतजार कर रहीं मध्य प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. प्रदेश सरकार ने योजना की 33वीं किस्त जारी कर दी है, जिसका मतलब यह हुआ कि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 1500 रुपये की राशि ट्रांसफर हो चुकी है. अगर आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं, तो तुरंत अपना बैंक बैलेंस चेक करें.
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी योजना है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. शुरुआत में इस योजना में 1 हजार रुपये दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपये किया गया और अब कई लाभार्थियों को 1500 रुपये मिल रहे हैं. यह अमाउंट सीधे डीबीटी (DBT) के जरिए आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी गई है.
Ladli Behna Yojana 33rd Installment
कैसे चेक करें अपना पेमेंट स्टेटस?
अगर आपके मोबाइल पर किश्त आने का मैसेज नहीं आया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं. आप आधिकारिक वेबसाइट के जरिए घर बैठे इसके बारे में जानकारी ले सकती हैं.
- सबसे पहले लाड़ली बहना योजना की ऑफिशियल वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर लॉगिन करें.
- होमपेज पर आपको आवेदन एवं भुगतान की स्थिति का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें.
- अब अपना एप्लीकेशन आईडी या मेंबर समग्र आईडी (Samagra ID) दर्ज करें.
- आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, उसे स्क्रीन पर दिए गए बॉक्स में भरें.
- कैप्चा कोड डालकर सर्च बटन पर क्लिक करें. आपके सामने आपकी पेमेंट की पूरी हिस्ट्री खुल जाएगी, जहां आप 33वीं किस्त का स्टेट्स देख सकती हैं.
पैसा नहीं आया तो क्या करें?
अगर आपके खाते में पैसे नहीं पहुंचे हैं, तो परेशान ना हों. इस समस्या की दो वजह हो सकती हैं. पहला तो यह अगर आपकी समग्र आईडी और आधार की केवाईसी अपडेट नहीं है, तो पेमेंट रुक सकता है. दूसरा आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक होना चाहिए और उसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सुविधा चालू होनी चाहिए. अगर इनमें से कोई भी कमी मिलने पर फौरन अपने पास के बैंक या पंचायत केंद्र पर जाकर सही करवाएं, जिससे अगली किस्त के साथ पिछला अमाउंट भी आपको मिल जाए.
इस योजना ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को बड़ी राहत दी है. 1500 रुपये की यह राशि महिलाओं को अपनी जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को पूरा करने में मदद कर रही है. सरकार का टारगेट आने वाले समय में इस अमाउंट को बढ़ाकर 3 हजार रुपये तक ले जाने का है.














