BSE market cap loss: पिछले 22 दिनों से चल रहे इजरायल-ईरान जंग ने ना केवल मिडिल ईस्ट में हलचल पैदा की हुई है, बल्कि भारतीय शेयर मार्केट पर भी इसका तगड़ा असर देखने को मिला है. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार जंग की शुरूआत से लेकर 20 मार्च तक मार्केट से करीब 34 लाख करोड़ रुपये स्वाह हो चुके हैं.
बयान के बाद क्या बदलेगी हवा?
जब बाजार चौतरफा गिरावट से घिरा था, तब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि "हम अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब हैं और मिडिल ईस्ट में ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ चल रहे अपने बड़े सैन्य अभियान को खत्म करने पर विचार कर रहे हैं." इस बयान के बाद एक्सपर्ट का मानना है कि अगर अमेरिका पीछे हटता है, तो ईरान के साथ तनाव कम होगा और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के नीचे आ सकती हैं.
सोमवार को बाजार के लिए 3 बड़े ट्रिगर
- ट्रंप के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड में 3 से 5% की गिरावट देखी जा सकती है. भारत के लिए ये सबसे बड़ी राहत होगी क्योंकि हमारा चालू खाता घाटा सीधे तेल से जुड़ा है.
- पिछले कई दिनों से बाजार ओवरसोल्ड जोन में है. यानी खरीदारी से ज्यादा बिकवाली का माहौल बना हुआ है. ऐसे में शांति के संकेतों से ट्रेडर्स अपनी शॉर्ट पोजीशन काटेंगे, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में 1.5% से 2% तक का गैप-अप ओपनिंग देखने को मिल सकती है.
- तनाव कम होने से विदेशी निवेशक फिर से भारतीय मार्केट की तरफ रुख कर सकते हैं, जिससे स्टेबिलिटी के साइन देखने को मिल सकते हैं.
क्या अब खरीदारी का समय है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि 22 दिनों की इस गिरावट ने कई मजबूत शेयरों को कम वैल्यूएशन पर ला खड़ा किया है. अगर सोमवार को बाजार ट्रंप के बयान को पॉजिटिव रूप से लेता है, तो हमें एक रिलीफ रैली देखने को मिल सकती है. यानी शेयरों की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.














