Stock Market Crash: दुनिया भर के बाजारों में मचे हाहाकार का असर अब भारतीय शेयर बाजार तक पहुंच गई है. सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बाजार पर कोहराम मच गया. सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिससे निवेशकों के अरबों रुपये पल भर में साफ हो गए.हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत बेहद खराब रही. सुबह 9:16 बजे तक BSE सेंसेक्स 1,474.56 अंक (1.98%) की भारी गिरावट के साथ 73,058.40 के स्तर पर आ गया. वहीं, निफ्टी 50 भी 433.70 अंक (1.88%) टूटकर 22,680.80 पर पहुंच गया. बाजार खुलने के चंद मिनटों के भीतर ही आई इस सुनामी से हर तरफ लाल निशान नजर आ रहा है. यहां पढ़ें - Stock Market Live Updates
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरों और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने भारतीय निवेशकों को बड़ा झटका दिया है.
इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट
बाजार खुलते ही निफ्टी के दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई. Hindalco, Tata Steel, SBI, M&M और HDFC Bank आज के सबसे बड़े लूजर्स में शामिल हैं. इन बड़े शेयरों के गिरने से सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव और बढ़ गया है. दूसरी तरफ, इस गिरावट के बावजूद Max Healthcare और ONGC जैसे गिने-चुने शेयरों में मामूली बढ़त देखी जा रही है.
सभी सेक्टर्स लाल निशान में, मिडकैप-स्मॉलकैप भी टूटे
आज बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल है. ऑटो, मीडिया, बैंक, मेटल और PSU बैंक जैसे सभी सेक्टोरल इंडेक्स 2-2% तक नीचे ट्रेड कर रहे हैं. इतना ही नहीं, छोटे और मझोले शेयरों का हाल भी बुरा है. Nifty Midcap और Smallcap इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है.
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
शुरुआती कारोबार में रुपया, 41 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 93.94 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. इंटर-बैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया, डॉलर के मुकाबले 93.84 पर खुला और बाद में यह लुढ़कता हुआ 93.94 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 41 पैसे की गिरावट दर्शाता है. रुपया शुक्रवार को रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 93 के स्तर से नीचे चला गया था और अंततः 64 पैसे टूटकर 93.53 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था.
क्यों मची है बाजार में तबाही?
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम है. ट्रम्प ने ईरान को 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' खोलने की चेतावनी दी है, वरना उसके ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी है. इस खबर ने ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर डर पैदा कर दिया है, जिससे कच्चा तेल (WTI Crude) $100 के करीब और ब्रेंट क्रूड $112.17 के पार पहुंच गया है.
एशियाई बाजारों में 'ब्लैक मंडे' जैसे हालात
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा है. दक्षिण कोरिया का KOSPI 4.57% और जापान का Nikkei 4% से ज्यादा टूट चुका है. आईईए (IEA) प्रमुख फातिह बिरोल ने भी चेतावनी दी है कि दुनिया पिछले कई दशकों के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की तरफ बढ़ रही है, जिसका असर ग्लोबल इकोनॉमी पर बहुत बुरा पड़ेगा.
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