Trump's Tariffs News: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ट्रंप टैरिफ के फैसले पर भारत ने पहली प्रतिक्रिया दी है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि भारत सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राष्ट्रपति ट्रंप की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद की स्थितियों पर बारीक नजर बनाए हुए है.
मंत्रालय ने क्या कहा?
मंत्रालय के अनुसार, "हमने कल टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ध्यान दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की और अमेरिकी प्रशासन के कुछ नए कदमों की घोषणा की गई है. हम इन सभी घटनाक्रमों और उनके होने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं."
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से एक ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रपति ट्रंप के IEEPA तहत लगाए गए टैरिफ को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि राष्ट्रपति के पास बिना कांग्रेस की सहमति के इस तरह के टैक्स थोपने का अधिकार नहीं है. इसके तुरंत बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोर्ट के फैसले को निराशाजनक बताया और सेक्शन 122 के तहत तत्काल प्रभाव से 10% वैश्विक टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी.
भारत पर क्या होगा असर?
एक्सपर्ट का मानना है कि यह बदलाव भारत के लिए कड़वी दवा में थोड़ी मिठास जैसा है. हालिया ट्रेड डील के तहत भारत पर 18% टैरिफ तय हुआ था, लेकिन अब ट्रंप के नए आदेश के बाद सभी देशों पर समान 10% शुल्क लागू होने की संभावना है. इससे भारतीय एक्सपोर्टर को राहत मिल सकती है.
दूसरा असर यह कि नया 10% टैरिफ केवल 150 दिनों के लिए वैलिड है, इसलिए लंबी अवधि के व्यापारिक समझौतों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं.
भारत अभी अपनी स्थिति का आकलन कर रहा है. आने वाले कुछ दिनों में पिक्चर और क्लियर होगी. पता चल सकेगा कि भारत किस प्लान के साथ अब आगे जाएगा. साथ ही दूसरे देश किस तरह से बदले हुए हालात में अपनी स्थिति साफ करते हैं.
यह भी पढ़ें- टैरिफ पर रोक लगने के बाद कैसी रहेगी भारतीय शेयर मार्केट की चाल? इन शेयरों पर रखें नजर














