- बजट 2026 में नया इनकम टैक्स एक्ट पहली अप्रैल से लागू होगा, जिससे टैक्स सिस्टम सरल और समझने में आसान बनेगा.
- इनकम टैक्स रिटर्न में सुधार के लिए रिवाइज्ड रिटर्न भरने की समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है.
- विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च पर लगने वाला TCS दर घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है.
Income Tax Slab Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में टैक्सपेयर्स के लिए कई राहत भरे ऐलान किए हैं. भले ही टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन इस बार बजट में सरकार न केवल टैक्स के बोझ को कम करने की कोशिश की है, बल्कि दशकों पुराने टैक्स कानूनों को बदलकर इसे और भी आसान बना दिया है.
अब आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) सुधारने के लिए पहले से कहीं ज्यादा वक्त मिलेगा. इसके साथ ही विदेश में पढ़ाई और घूमने का खर्च अब आपकी जेब पर कम बोझ डालेगा. आइए जानते हैं कि इस बजट के उन 10 बड़े फैसलों के बारे में, जो सीधे आपकी बचत और बैंक बैलेंस पर असर डालने वाले हैं...
1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताया कि 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू किया जाएगा. इसका मकसद टैक्स सिस्टम को ज्यादा आसान और समझने लायक बनाना है. सरकार जल्द ही इसके नियम और नए रिटर्न फॉर्म भी जारी करेगी ताकि टैक्सपेयर्स को किसी तरह की दिक्कत न हो.
रिवाइज्ड रिटर्न भरने के लिए अब ज्यादा समय मिलेगा
टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की खबर यह है कि अब इनकम टैक्स रिटर्न में गलती सुधारने के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा. सरकार ने रिवाइज्ड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव रखा है. हालांकि इसके लिए मामूली फीस देनी होगी लेकिन इससे उन लोगों को फायदा होगा जो समय पर गलती ठीक नहीं कर पाते थे.
री-असेसमेंट के बाद भी रिटर्न अपडेट करने का मौका
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि री-असेसमेंट के बाद भी टैक्सपेयर्स को अपना रिटर्न अपडेट करने का मौका मिलेगा. इससे लोगों को डर और तनाव कम होगा और टैक्स से जुड़ी गलतियों को सुधारना आसान हो जाएगा.
छोटे टैक्सपेयर्स के लिए आसान और ऑटोमैटिक सिस्टम
बजट 2026 में छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नियमों पर आधारित और ऑटोमैटिक प्रोसेस लाने का प्रस्ताव रखा गया है. इसका मतलब यह है कि छोटे मामलों में टैक्स से जुड़े फैसले सिस्टम के जरिए होंगे और लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
पढ़ाई और इलाज के लिए विदेश भेजे पैसे पर TCS कम
सरकार ने विदेश में पढ़ाई और मेडिकल पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर TCS दर घटाने का ऐलान किया है. पहले जहां 5 फीसदी TCS लगता था अब उसे घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है. इससे छात्रों और उनके परिवारों पर बोझ कम होगा.
विदेश घूमने वालों के लिए भी राहत
अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए भी अच्छी है. सरकार ने विदेश टूर पैकेज पर लगने वाला TCS भी घटाकर 2 फीसदी कर दिया है. पहले यह 5 फीसदी था और उससे पहले 20 फीसदी तक था. इससे ट्रैवल का खर्च थोड़ा कम हो सकता है.
विदेशी एसेट बताने के लिए मिलेगा खास मौका
वित्त मंत्री ने छोटे टैक्सपेयर्स जैसे छात्र, टेक प्रोफेशनल्स और विदेश से लौटे लोगों के लिए छह महीने की खास स्कीम का प्रस्ताव रखा है. इस दौरान वे अपने विदेशी एसेट की जानकारी बिना ज्यादा परेशानी के दे सकेंगे.
एक्सीडेंट क्लेम की रकम अब टैक्स फ्री
बजट में एक अहम फैसला यह भी लिया गया है कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाली रकम पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. इससे एक्सीडेंट पीड़ितों और उनके परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा.
अपील के दौरान पेनल्टी पर ब्याज नहीं लगेगा
अगर कोई टैक्सपेयर पेनल्टी के खिलाफ अपील करता है तो अपील के समय तक उस पेनल्टी रकम पर ब्याज नहीं लगेगा. यह नियम पहले अपीलीय स्तर तक लागू होगा और इसका फायदा कई लोगों को मिल सकता है.
कोऑपरेटिव संस्थाओं को डिविडेंड पर राहत
सरकार ने कुछ तय कोऑपरेटिव संस्थाओं को राहत देते हुए उनके निवेश से मिलने वाले डिविडेंड पर तीन साल तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव रखा है. यह छूट 31 जनवरी 2026 तक किए गए निवेश पर लागू होगी.
बजट 2026 से साफ है कि सरकार टैक्स नियमों को आसान बनाना चाहती है. ज्यादा समय सीमा, कम TCS, आसान प्रोसेस और टैक्स फ्री राहत से आम लोगों को सुकून मिल सकता है. आने वाले दिनों में जब नए नियम और फॉर्म जारी होंगे तब तस्वीर और साफ हो जाएगी लेकिन फिलहाल यह बजट टैक्सपेयर्स के लिए राहत भरा माना जा रहा है.














