मिडिल ईस्ट में टेंशन और तेल का खेल, कैसे TotalEnergies ने संकट में कमाया 1 अरब डॉलर का मुनाफा?

TotalEnergies oil profit: मिडिल ईस्ट में जंग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बीच फ्रांसीसी कंपनी TotalEnergies ने तेल के बाजार में मास्टरस्ट्रोक खेलकर सिर्फ कुछ हफ्तों में 1 अरब डॉलर का मुनाफा कमा लिया. जानिए कैसे एक प्लान ने कंपनी की चांदी कर दी.

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  • अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गया, जिससे तेल सप्लाई प्रभावित हुई
  • टोटलएनर्जीज ने मार्च में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के बंदरगाहों से निकलने वाले लगभग सभी तेल शिपमेंट खरीद लिए
  • कंपनी ने 70 जहाजों के जरिए करीब 3.5 करोड़ बैरल तेल खरीदा और प्रति बैरल तीस से चालीस डॉलर का प्रॉफिट कमाया
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TotalEnergies oil profit: दुनिया जब मिडिल ईस्ट में जंग के चलते तेल की कीमतों में लगी आग से परेशान है, ऐसे में फ्रांस की बड़ी पावर कंपनी टोटलएनर्जीज ने चुपचाप एक ऐसी चाल चली, जिसने उसे इतिहास का सबसे बड़ा मुनाफा कमाने का मौका दे दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने कुछ ही हफ्तों के अंदर 1 अरब डॉलर से ज्यादा का प्रॉफिट कमाया है. 

क्या है पूरा मामला?

इस पूरे खेल की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया. ये रास्ता दुनिया के लिए कितना अहम है, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल यहीं से जाता है. रास्ता बंद होते ही सप्लाई रुक गई और पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया. लेकिन इसी संकट के बीच टोटलएनर्जीज की ट्रेडिंग यूनिट ने एक बहुत बड़ा दांव खेला.

TotalEnergies oil profit

ये था टोटल एनर्जी का मास्टर प्लान?

जब होर्मुज के रास्ते से आने वाला तेल बंद हुआ, तो उन तेलों की मांग बढ़ गई जो इस रास्ते से बाहर जैसे ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के बंदरगाहों से भेजे जाते थे. इसी को देखते हुए मार्च के महीने में टोटलएनर्जीज ने संयुक्त अरब अमीरात और ओमान से निकलने वाले तेल की करीब सभी शिपमेंट खरीद लीं.

एस एंड ग्लोबल एनर्जी डेटा के अनुसार, दुनिया भर में मई में डिलीवरी के लिए मौजूद 82 कार्गो में से 77 कार्गो अकेले टोटलएनर्जीज ने बुक कर लिए. यानी बाजार में जो भी तेल मौजूद था, उस पर इस एक कंपनी का कब्जा हो गया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी ने ये सौदे तब किए जब कच्चे तेल की कीमतें 70 से 100 डॉलर के बीच थी. जैसे ही सप्लाई की कमी हुई, कीमतें आसमान छूने लगीं.

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कैसे हुआ 1 अरब डॉलर का फायदा?

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट का मानना है कि ये तेल ट्रेडिंग के इतिहास की सबसे बड़ी खरीद हो सकती है. पूर्व ऑयल ट्रेडर स्टीफन इनेस ने बताया कि अगर कंपनी ने 70 जहाजों के जरिए लगभग 3.5 करोड़ बैरल तेल खरीदा और प्रति बैरल $30 से $40 का मुनाफा कमाया, तो ये रकम बहुत आसानी से 1 अरब डॉलर के पार पहुंच जाती है. वहीं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लेक्चरर आदि इमसिरोविक ने इसे तेल के इतिहास की सबसे बड़ी पोजीशन बताया. उनके अनुसार, संकट के समय में इस तरह की जबरदस्त खरीदारी किसी एक कंपनी के लिए पहले कभी नहीं देखी.

TotalEnergies oil profit

कीमतों में उछाल

एसएंडपी की तेल कीमत बताने वाली एजेंसी Platts के अनुसार, मार्च का महीना एशिया और मिडिल ईस्ट के बीच तेल की खरीद–फरोख्त के इतिहास में सबसे ज्यादा बिजी रहा. Platts के विश्लेषक इनस ने बताया कि जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल के जहाजों की आवाजाही में दिक्कत आई, तो बाजार में तेल की सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा अचानक कम हो गया. इसकी वजह से तेल की कीमतें गड़बड़ा गईं और तेजी से हालात बदलने लगे. इसके बाद उन तेलों की मांग बहुत बढ़ गई जो ओमान की खाड़ी के बंदरगाहों से भेजे जाते हैं. क्योंकि ये रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर हैं, इसलिए ईरान इन्हें रोक नहीं सकता. इस मौके का फायदा उठाकर टोटलएनर्जीज ने ओमान का कच्चा तेल, यूएई का मुरबान क्रूड बड़ी मात्रा में खरीद लिया.

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इस प्लानिंग का असर कीमतों पर भी दिखा. दुबई क्रूड जो जंग से पहले $65-$70 प्रति बैरल था, वो 20 मार्च तक $170 प्रति बैरल तक पहुंच गया. ये पहली बार था जब दुबई क्रूड की कीमतों ने वैश्विक स्तर के लिए पॉपुलर ब्रेंट क्रूड को भी पीछे छोड़ दिया.

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