कोलकाता कैसे बने बेंगलुरु और मुंबई, संजीव गोयनका ने बताया-सरकार को क्या करना होगा?

संजीव गोयनका ने एनडीटीवी के साथ एक्‍सक्‍लूसिव इंटरव्‍यू में कहा कि नीतियों में निरंतरता होनी चाहिए. साथ ही उन्‍होंने कहा कि हर दो साल में नीतियों में परिवर्तन नहीं होना चाहिए. 

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संजीव गोयनका ने नीतियों की निरंतरता पर जोर दिया है.
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  • मशहूर उद्योगपति संजीव गोयनका ने कहा कि अगर नीतियों में निरंतरता रहे तो कोलकाता फिर से टॉप शहर बन सकता है.
  • गोयनका ने NDTV के खास शो 'Walk the Talk' में कहा कि बंगाल को धीमी गति से चलने की जरूरत नहीं है.
  • उन्होंने बताया कि नीतियों में हर दो साल में बदलाव नहीं होना चाहिए, इससे विकास प्रभावित होता है.
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मशहूर उद्योगपति संजीव गोयनका ने कहा है कि अगर नीतियों में निरंतरता रहे तो कोलकाता फिर से टॉप शहर बन सकता है. गोयनका ने NDTV के खास शो 'Walk the Talk' में कहा कि बंगाल को धीमी गति से चलने या धरना देने की जरूरत नहीं है. साथ ही कहा कि अगर कुछ प्रयास कर लिए जाएं तो कोलकाता, बेंगलुरु और मुंबई के टक्कर में आ सकता है. उन्होंने कहा कि हमें खुद पर विश्वास रखना होगा तो निश्चित तौर पर बंगाल टॉप में शामिल हो सकता है.

NDTV के एडिटर इन चीफ और सीईओ राहुल कंवल के साथ एक्‍सक्‍लूसिव इंटरव्‍यू में गोयनका ने कोलकाता को बेंगलुरु और मुंबई जैसा बनाने के सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्‍होंने कहा कि इसके लिए नीतियों में निरंतरता होनी चाहिए. साथ ही कहा कि हर दो साल में नीतियों में परिवर्तन नहीं होना चाहिए. 

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धीमी गति से चलने की जरूरत नहीं: गोयनका

गोयनका ने NDTV पर कहा कि बंगाल को धीमी गति से चलने या धरना देने की जरूरत नहीं है, ये बंगाल के अतीत की विशेषताएं हैं और ये बंगाल की व्यवस्था से पूरी तरह से गायब हो चुकी हैं. उन्‍होंने कहा कि यह मुद्दे नहीं हैं.

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फिर से शीर्ष पर पहुंचने का विश्‍वास हो: गोयनका 

साथ ही गोयनका ने बंगाल को लेकर कहा कि एक राज्य के रूप में हमें यह विश्वास करना होगा कि हम फिर से शीर्ष पर पहुंच सकते हैं. उन्‍होंने कहा कि यह भावना जगाने की जरूरत है कि बंगाल शीर्ष पर जाने के लिए वापसी करने में सक्षम है. 

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बता दें कि बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर के हलचल तेज है. प्रदेश में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी. चुनाव परिणाम 4 मई को आएंगे.

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