Iran-Israel War Impact on Gold-Silver: जिस बात का डर था वहीं हुआ. ईरान और इजरायल के बीच युद्ध शुरू हो चुका है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस संकट से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा. साथ ही ईरान और इजरायल के बीच जारी टेंशन अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां वैश्विक बाजार में निवेशक अपने पैसे को लेकर चिंतित नजर आने लगे हैं. इन सभी बातों का असर सीधे भारतीय एमसीएक्स मार्केट में सोना और चांदी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है.
सोने की चमक बढ़ेगी
जैसे ही युद्ध की खबरें तेज होती जाएंगी वैसे ही निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में लगाना शुरू कर देंगे. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अनिश्चितता के माहौल में सोना हमेशा सबसे सेफ निवेश माना जाता है. 2026 की शुरुआत में ही सोने की कीमतों ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. अगर तनाव इसी तरह बरकरार रहा, तो वो दिन दूर नहीं जब घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत 2 लाख रुपये के स्तर को छू ले.
चांदी भी भरेगी उड़ान
सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री डिमांड और वॉर के इन हालातों के चलते चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है. शुक्रवार को चांदी के भाव में प्रति किलो 16 हजार रुपये का धमाकेदार उछाल दर्ज किया गया. एक्सपर्ट का कहना है कि युद्ध की कंडीशन में सप्लाई चेन रुक जाती है, जिससे चांदी की कीमतें एक बार फिर से अपने पुराने रूप में नजर आ सकती है.
Iran-Israel War Impact on Gold-Silver
आम आदमी की जेब पर क्या असर?
सोने और चांदी की बढ़ती कीमतें ना केवल निवेशकों को परेशान कर रही हैं, बल्कि शादी-ब्याह के सीजन में आम आदमी के बजट को भी बिगाड़ रही हैं. गहने खरीदना अब आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है. साथी ही दूसरी तरफ ईरान-इजरायल युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने का खतरा भी मंडरा रहा है.
क्या करें निवेशक?
मार्केट एक्सपर्ट ने कहा है कि मौजूदा समय में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहने वाला है. ऐसे में एक साथ निवेश करने के बजाय गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदना एक स्मार्ट प्लानिंग हो सकती है. हालांकि, जब तक युद्ध की तस्वीर साफ नहीं हो जाती, तब तक बाजार में जोखिम बना रहेगा.













