Gold-Silver Prices: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से पूरी दुनिया के बाज़ारों में अनिश्चितता का माहौल है. इसका असर कच्चे तेल की कीमतों के साथ सोने-चांदी पर देखने को मिल रहा है. इस हफ्ते सोने की कीमत में 0.73% की कमी आई. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कीमतें बहुत ऊपर पहुंच गई थीं, तो लोगों ने अपना मुनाफा कमाने के लिए सोना बेचना शुरू कर दिया. हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने की कीमत में मामूली गिरावट रही, लेकिन चांदी में 3.24% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम रही, जो सोमवार को 1,59,568 रुपए थी. वहीं चांदी की कीमत शुक्रवार को 2,60,488 रुपए प्रति किलोग्राम रही.
आगे कैसी रह सकती है सोने की चाल?
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और ब्याज दरों को लेकर बदलती खबरों से सोने-चांदी की कीमतें टिक नहीं पाईं. हालांकि जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते सुरक्षित निवेश की मांग अभी भी सोने को सपोर्ट कर रही है. दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और सप्लाई में रुकावट होने से महंगाई का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में सोना महंगाई से बचने का एक अच्छा जरिया बन सकता है.
जंग के बीच क्यों नहीं उठ पा रहा सोना-चांदी?
शुक्रवार को अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर हमला किया. यह ईरान के लिए बहुत जरूरी जगह है क्योंकि उनका 90% तेल यहीं से दुनिया भर में भेजा जाता है. इस हमले के बाद बाजार में दो तरह की बातें चल रही हैं. पहला ये कि लोगों को डर है कि अगर ईरान का तेल बाहर नहीं आ पाया, तो दुनिया भर में तेल की कमी हो जाएगी और कीमतें आसमान छू सकती हैं. दूसरी बात ये कि आमतौर पर जब भी कहीं युद्ध होता है, तो सोने और चांदी के दाम तेजी से बढ़ते हैं. लेकिन इस बार ऐसा ज्यादा नहीं हुआ. इसकी वजह यह है कि अमेरिका के डॉलर और ट्रेजरी यील्ड) काफी मजबूत दिख रही है, जिसने सोने की कीमतों को बढ़ने से रोक कर रखा है.
नोट कर लें ये बड़े लेवल
सोने के लिए 1,63,000 से 1,63,200 रुपये का लेवल एक दीवार की तरह है. जब भी कीमत (Gold Price) यहां पहुंचती है, तो वहां से आगे बढ़ना इसके लिए मुश्किल हो रहा है. वहीं अगर सोने के दाम गिरते हैं, तो 1,58,000 से 1,57,500 रुपये के पास आकर इसे सपोर्ट मिल जाता है. यहां लोग फिर से खरीदारी शुरू कर देते हैं, जिससे दाम इससे नीचे नहीं गिर पा रहे. चांदी की बात करें तो चांदी की कोशिश 2,80,000 से 2,92,000 रुपये के ऊपर जाने की थी, लेकिन वह वहां टिक नहीं पाई और दाम फिर से नीचे आने लगे. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर चांदी और गिरती है, तो 2,58,000 से 2,54,000 रुपये का स्तर इसके लिए अहम हो सकता है. यहाँ आकर चांदी की गिरावट रुकने की उम्मीद है.














