Gold, Silver Price Crash: सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों में मची हलचल के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) की, जिससे इन कीमती धातुओं के दाम लुढ़क गए. निवेशकों के बीच बड़ा सवाल ये है कि क्या ये सोने-चांदी में निवेश का सही समय है. एक सवाल ये भी है कि क्या सोने-चांदी के दाम में और गिरावट होगी, अगर हां तो ये गिरावट आखिर कहां तक जा कर थमेगी और सोने-चांदी के दाम में फिर से उछाल कब शुरू होगा. एक्सपर्ट्स ने इन सवालों का जवाब देने के साथ-साथ निवेशकों को आगाह भी किया है. आपको एक्सपर्ट की चेतावनी पर जरूर गौर करना चाहिए. सबकुछ बताएंगे, लेकिन सबसे पहले जान लीजिए सोने-चांदी में गिरावट का हाल.
कितना गिरा सोना और चांदी?
सोने (Gold) के भाव में गिरावट की बात करें तो MCX पर फरवरी वायदा वाला सोना करीब 0.97% गिरकर 1,50,590 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है. वहीं चांदी (Silver) के दाम में गिरावट की बात करें तो चांदी में आज बड़ी गिरावट देखी गई. मार्च वायदा वाली चांदी 3.71% टूटकर 2,34,775 रुपये प्रति किलो पर आ गई. कारोबार के दौरान एक समय तो चांदी 6% तक गिरकर ₹2,29,187 के निचले स्तर पर पहुंच गई थी.
ऑल टाइम हाई से देखें तो सोना अपने 1.93 लाख/10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई से करीब 43 हजार रुपये नीचे गिर गया है. वहीं 29 जनवरी को अपना ऑल टाइम हाई बनाते हुए 4.20 लाख/किलो का लेवल पार करने वाली चांदी अब तक 1.85 लाख से ज्यादा गिर चुकी है.
क्यों आई यह गिरावट? 3 बड़ी वजहें
मजबूत होता डॉलर: अमेरिकी डॉलर पिछले नवंबर के बाद अपने सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है. जब डॉलर महंगा होता है, तो अन्य मुद्रा रखने वालों के लिए सोना-चांदी खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है.
टेक शेयरों में गिरावट: वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट का असर भी धातुओं के बाजार पर पड़ा है. सोने और चांदी में गिरावट के पीछे ये भी एक अहम वजह है. टेक शेयरों में गिरावट का असर क्रिप्टो बाजार पर भी पड़ा है.
मुनाफावसूली: एक्सपर्ट्स इसे एक 'तकनीकी सुधार' (Technical Correction) मान रहे हैं. लंबे समय से बढ़ रही कीमतों के बाद निवेशकों ने अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली की है. चांदी में निवेश करनेवालों ने तो पिछले दिनों भी खूब चांदी कूटी.
एक्सपर्ट्स ने क्या चेतावनी दी है?
जेपी मॉर्गन की चेतावनी पर भी ध्यान देना जरूरी है. IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने आगाह किया है कि चांदी की मौजूदा कीमतें काफी ज्यादा हैं, जिससे बाजार में तनाव के समय इसमें और बड़ी गिरावट आ सकती है. हालांकि, अगले वित्त वर्ष में कीमतों में फिर से सुधार की उम्मीद है.
बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने-चांदी में लंबी अवधि की बढ़त का रुझान अभी भी बरकरार है. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय किश्तों में (Staggered Investment) निवेश करें, ताकि जोखिम कम हो सके.
सोने के लिए सपोर्ट लेवल की बात करें तो ₹1,37,000 से ₹1,42,000 का स्तर मजबूत सहारा (Support) माना जा रहा है. वहीं ₹1,65,000 से ₹1,75,000 के स्तर पर कीमतों को रेजिस्टेंस (Resistance) मिल सकता है.














