Gold-Silver Price: चांदी और सोने में मौका है या फिर धोखा है... जानें चांदनी चौक के जूलर्स दे रहे हैं क्या सलाह

Gold-Silver Price: सोना-चांदी की गिरती कीमतों के एक्सपर्ट निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर बता रहे हैं. साथ ही होल्ड की सलाह दे रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Gold-Silver Price: चांदी के दामों में इस समय काफी उतार-चढ़ाव हो रहा है. शुक्रवार को बाजार में आई कीमतों की गिरावट ने सबको हैरान कर दिया है. सोने की कीमतें जहां ₹1,67,406 प्रति 10 ग्राम पर टिकीं, वहीं चांदी ने तो जैसे अर्श से फर्श पर आ गईं. चांदी 4,20,048 प्रति किलो की ऊँचाई छूने के बाद चांदी एक ही दिन में लगभग 21 फीसदी टूटकर 3,32,002 पर बंद हुई. सालों से सोने चांदी का कारोबार करने वाले कारोबारी हैरान है.

सवाल यह है कि क्या सोने-चांदी की तेजी का दौर खत्म हो चुका है या अभी और ऊंचाई पर जाएगा. इस सवाल का जवाब तलाशने एनडीटीवी की टीम चांदनी चौक के कूचा महाजन में पहुंची जहां ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट योगेश सिंघल से संवाददाता रवीश रंजन शुक्ला ने बात की. 

'नए निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका'

ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट योगेश सिंघल कहते हैं कि, "नए निवेशकों के लिए यही वक्त है खरीदारी करने का. लेकिन सोने और चांदी के भाव फिलहाल अभी स्थिर नहीं रहेंगे. लेकिन ये बहुत ज्यादा गिरेंगे भी नहीं. लेकिन जिन लोगों ने सोना और चाँदी खरीद रखी है वो अभी होल्ड करें. फिलहाल न खरीदे".

Advertisement

यह भी पढ़ें- Budget 2026 से पहले 40,000 रुपये सस्ता हो गया सोना! क्या यही है खरीदारी का सही मौका या बजट के ऐलान का करें इंतजार?

'बाजार हुआ हल्का'

कीमतों में हो रहे बदलाव में बिक्री के सवाल पर योगेश सिंघल कहते हैं कि, "जब हर 10 मिनट में चांदी और सोने के भाव में उतार चढ़ाव हो रहे हैं तो कैसे ज्वैलरी बेचें. ग्राहक बुक करता है और चांदी के दाम ऊपर चले जातें हैं तो दुकानदार को घाटा लगता है. वहीं कम होता है तो ग्राहक लेता नहीं है. बाजार में इतना बदलाव आ रहा है कि तीन महीने से काम बहुत हल्का हो गया है."

Advertisement

दरीबा ज्वैलर्स एसोसिएशन के तरुण गुप्ता बताते हैं कि भारत में चांदी, कॉपर के बाय प्रोडक्ट के तौर पर निकलता है. लेकिन जब बिकवाली तेज हो रही है तो पीछे से चांदी भी ज्यादा नहीं आ रही है, जिसके पास जो है उसने होल्ड कर रखी है. साथ ही चांदी को लेकर सोशल मीडिया पर बहुत अफवाह है. कोई कहता है कि मोबाइल और बैटरी के ज्यादा प्रॉडक्ट की वजह से चांदी मंहगी है, तो कोई ट्रंप की नीतियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है. लेकिन फिलहाल चांदी और सोने के दाम पर कोई भविष्यवाणी करना ठीक नहीं है.

यह भी पढ़ें- 22 कैरेट, 23 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड में क्या होता है अंतर? बढ़ती कीमतों के बीच, जान लीजिए काम की बात

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Iran Israel War: घर में नहीं तेल, PAK खेलेगा 'परमाणु खेल'? Nuclear War |Pakistan