इजरायल-ईरान जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टेंशन बरकरार है. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसी बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के चीफ फातिह बिरोल ने दुनिया को चेतावनी दी है. उनका कहना है कि खाड़ी देशों में चल रही ये जंग दुनिया को इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की तरफ धकेल सकती है. उन्होंने बताया कि दुनिया में इस्तेमाल होने वाली तेल और गैस की टोटल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा अभी बंद पड़ा है और इसे दोबारा चालू करने में कम से कम 6 महीने लग सकते हैं.
इतिहास का सबसे बड़ा खतरा
इंटरव्यू में IEA के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा कि नेता और दुनिया भर के बाजार इस संकट की गंभीरता को ठीक से नहीं समझ रहे हैं. मौजूदा बिरोल के अनुसार समस्या सिर्फ तेल की कीमतें बढ़ने की नहीं है, बल्कि असली खतरा ये है कि तेल और गैस की सप्लाई एकदम से बंद हो गई है, जिससे पूरी दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है.
आपूर्ति बहाल होने में लगेगा लंबा समय
खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई फिर से शुरू करना बहुत मुश्किल हो गया है. फातिह बिरोल ने बताया कि इस क्षेत्र के तेल और गैस के ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. उनका कहना है कि इन्हें दोबारा सही करके चालू करने में काफी समय लगेगा. कुछ जगहों पर काम 6 महीने में पूरा हो सकता है, लेकिन कई साइटों को इससे भी ज्यादा समय लग सकता है.
ये खबर उन निवेशकों और सरकारों के लिए बड़ी चिंता है, जो उम्मीद कर रहे थे कि हालात जल्दी सुधर जाएंगे. कई एक्सपर्ट पहले ही कह चुके हैं कि अगर अगले 6 महीनों तक तेल और गैस की सप्लाई ऐसे ही रुकी रही, तो इससे दुनिया की जीडीपी पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है.
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