EPS-95 Pension : क्या ₹1,000 से बढ़कर ₹7,500 होगी मंथली पेंशन? संसदीय समिति ने पेंशन बढ़ाने की सिफारिश की, सरकार से रिव्यु की मांग

EPS-95 Pension Update: पेंशनर्स लगातार न्यूनतम पेंशन को ₹7,500 करने की मांग कर रहे हैं.हाल ही में 9 मार्च से जंतर-मंतर पर तीन दिन का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें पेंशनर्स ने साफ कहा कि ₹1,000 में गुजारा करना संभव नहीं है.

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EPF Minimum Pension Hike 2026: समिति ने सरकार से कहा है कि EPS-95 पेंशन की तुरंत और व्यापक समीक्षा की जाए.
नई दिल्ली:

EPFO Pension Hike : EPS-95 पेंशन को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. फिलहाल ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन पाने वाले लाखों पेंशनर्स लंबे समय से इसे ₹7,500 करने की मांग कर रहे हैं. अब संसदीय समिति ने भी माना है कि ₹1,000 में गुजारा करना मुश्किल है और इसे बढ़ाने के लिए सरकार से जल्द रिव्यू करने को कहा है.

संसदीय समिति ने क्या कहा?

संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि Employees' Pension Scheme (EPS-95) के तहत मिलने वाली ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन काफी समय से नहीं बढ़ी है.समिति का मानना है कि बढ़ती महंगाई, हेल्थकेयर खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए यह रकम अब बेसिक जरूरतें पूरी करने के लिए भी पर्याप्त नहीं है. इसलिए इसे एक रियलिस्टिक और सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाने की जरूरत है.

₹7,500 पेंशन की मांग क्यों तेज हुई?

EPS-95 के पेंशनर्स लगातार न्यूनतम पेंशन को ₹7,500 करने की मांग कर रहे हैं.हाल ही में 9 मार्च से जंतर-मंतर पर तीन दिन का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें पेंशनर्स ने साफ कहा कि ₹1,000 में गुजारा करना संभव नहीं है. इसी बढ़ते दबाव के बीच समिति की यह सिफारिश काफी अहम मानी जा रही है.

सरकार का क्या पक्ष है?

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने समिति को बताया कि सरकार पहले से ही इस योजना में वित्तीय मदद दे रही है.इसमें EPFO के मौजूदा सदस्यों के लिए 1.16% का योगदान और ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित करने के लिए बजटीय समर्थन शामिल है.लेकिन इसके बावजूद समिति का मानना है कि मौजूदा पेंशन राशि आज के आर्थिक माहौल में पर्याप्त नहीं है.

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समिति ने सरकार से कहा है कि EPS-95 पेंशन की तुरंत और व्यापक समीक्षा की जाए. साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि स्कीम के लिए बजटीय सहायता बढ़ाने के विकल्प तलाशे जाएं, ताकि पेंशनर्स को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सके.इसका मकसद है कि लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को उनकी जरूरत के हिसाब से सम्मानजनक पेंशन मिल सके.

समिति ने दिए कई बड़े सुझाव 

समिति ने सिर्फ पेंशन ही नहीं, बल्कि कई और अहम मुद्दों पर भी सुझाव दिए हैं.इसमें कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को समय पर मुआवजा और ESI-PF जैसी योजनाओं का लाभ देने, गिग वर्कर्स को e-Shram पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने और उन्हें सोशल सिक्योरिटी देने की बात शामिल है.साथ ही, लेबर कोड्स के बेहतर लागू करने, बजट प्लानिंग सुधारने और वर्कर्स की सुरक्षा के लिए मॉनिटरिंग मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है.

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फिलहाल ₹1,000 पेंशन में तुरंत बढ़ोतरी का फैसला नहीं हुआ है, लेकिन संसद समिति की सिफारिश के बाद उम्मीद जरूर बढ़ गई है. अब नजर सरकार के फैसले पर है कि क्या EPS-95 पेंशनर्स को राहत मिलती है और पेंशन ₹7,500 के करीब पहुंचती है या नहीं.

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