EPFO Startup Investment: अगर हर महीने आपकी सैलरी से पीएफ (PF) कटता है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. खबर यह है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही आपके पीएफ का एक हिस्सा देश के उभरते हुए स्टार्टअप्स और नए बिजनेस (AIFs) में लगाने जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, EPFO अपने पास आने वाले नए फंड का 3% हिस्सा स्टार्टअप्स और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) में निवेश करने के लिए गाइडलाइंस तैयार कर रहा है. इस प्रस्ताव पर नवंबर में चर्चा हो सकती है. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो करीब 30 करोड़ कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स के निवेश का तरीका कुछ बदल सकता है.
नवंबर में बोर्ड के सामने आ सकता है प्रस्ताव
सरकार ने करीब पांच साल पहले EPFO को अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) में निवेश की अनुमति दी थी. हालांकि, अब तक EPFO ने SEBI से रजिस्टर्ड कैटेगरी-I और कैटेगरी-II AIF में निवेश शुरू नहीं किया है. इसकी वजह निवेश से जुड़े नियम और गाइडलाइंस तैयार नहीं होना है.ET की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 अक्टूबर को हुई EPFO की इन्वेस्टमेंट कमेटी की बैठक में नए फंड का 3% तक AIF में लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई. अब इसे नवंबर में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) के सामने रखा जा सकता है. इस बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया करते हैं.
EPFO कितना पैसा स्टार्टअप्स में लगा सकता है?
EPFO करीब 30 करोड़ सदस्यों के लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के रिटायरमेंट फंड को मैनेज करता है. इस प्रस्ताव के तहत पूरे फंड का 3% निवेश नहीं होगा, बल्कि हर साल आने वाले नए पैसे (Fresh Annual Inflows) का 3% तक हिस्सा लगाया जा सकता है.वित्त मंत्रालय के मौजूदा निवेश नियमों के तहत EPFO नए फंड का 5% तक हिस्सा एसेट-बैक्ड और ट्रस्ट स्ट्रक्चर वाले निवेश में लगा सकता है.यह 3% निवेश पहले से तय की गई 5% की कुल सीमा के भीतर रखने पर विचार हो रहा है.
NIIF और SIDBI के जरिए हो सकता है निवेश
पिछले महीने (सितंबर में) सरकार के विभाग (DPIIT) ने EPFO को चिट्ठी लिखकर 'Startup India Fund of Funds 2.0' योजना में शामिल होने के लिए कहा था.शुरुआत में EPFO सीधे किसी स्टार्टअप में पैसा लगाने के बजाय नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और SIDBI जैसे संस्थानों के जरिए निवेश कर सकता है. सरकार ने अप्रैल 2026 में 10,000 करोड़ रुपये के Startup India Fund of Funds 2.0 को मंजूरी दी थी. इसका मकसद स्टार्टअप्स को पूंजी उपलब्ध कराना है. इसमें डीप टेक्नोलॉजी, शुरुआती स्तर के कारोबार और नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर फोकस है.
क्या होते हैं कैटेगरी-I और कैटेगरी-II AIF?
कैटेगरी-I AIF ऐसे फंड होते हैं जो स्टार्टअप्स, छोटे कारोबार, इंफ्रास्ट्रक्चर और वेंचर कैपिटल में निवेश करते हैं. वहीं, कैटेगरी-II AIF में प्राइवेट इक्विटी, प्राइवेट डेट और रियल एस्टेट फंड शामिल होते हैं. इनसे लंबे समय में बेहतर रिटर्न का मौका मिल सकता है, लेकिन इनमें जोखिम भी रहता है.
PF के पैसे की सुरक्षा के लिए क्या होंगे नियम?
रिपोर्ट के मुताबिक, निवेश के लिए कुछ सुरक्षा नियम भी रखे जा सकते हैं. इनमें AIF का कम से कम 100 करोड़ रुपये का फंड होना, किसी एक फंड में निवेश की सीमा तय करना, विदेश में रजिस्टर्ड कंपनियों पर रोक और फंड मैनेजर की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना शामिल है.
आपके PF रिटायरमेंट फंड पर क्या पड़ेगा असर?
इससे 30 लाख करोड़ रुपये के विशाल फंड को मैनेज करने वाली EPFO को अब ट्रेडिशनल डेट इंस्ट्रूमेंट्स से आगे बढ़कर स्टार्टअप्स में निवेश के नए ऑप्शन मिल सकते हैं.इससे भविष्य में बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद तो है, लेकिन स्टार्टअप्स और AIF में थोड़ा रिस्क भी होता है. बता दें कि यह अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है, जिसे मंजूरी मिलना बाकी है और EPFO ने अभी ऐसा कोई निवेश शुरू नहीं किया है. इसलिए आपके PF के पैसे, PF योगदान, निकालने के नियमों या रिटायरमेंट पर मिलने वाले फायदों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. आगे आपका पैसा कहां और कितना लगेगा, यह फाइनल गाइडलाइंस और बोर्ड की मुहर लगने के बाद ही तय होगा.
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