Economic Survey 2026: देश की अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर, GDP से लेकर नौकरियों तक, जानें आर्थिक सर्वे की बड़ी बातें

Economic Survey 2025-26: GDP ग्रोथ, महंगाई, रोजगार, निर्यात, खेती, बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सभी बड़े आंकड़े आसान भाषा में पढ़ें...

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Economic Survey 2026 Updates: आर्थिक समीक्षा 2025-26 साफ दिखाती है कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है.(फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

Economic Survey 2025-26: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 29 जनवरी को संसद में आर्थिक समीक्षा 2025-26 पेश की. यह रिपोर्ट बजट से पहले देश की अर्थव्यवस्था का पूरा हाल बताती है. इसमें ग्रोथ, महंगाई, रोजगार, खेती, बैंकिंग, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अहम आंकड़े शामिल हैं. आसान शब्दों में कहें तो यह रिपोर्ट बताती है कि देश की आर्थिक सेहत कैसी है और आगे का रास्ता कितना मजबूत दिख रहा है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में जो आर्थिक समीक्षा पेश की है, वह देश की तरक्की का पूरा 'कच्चा चिट्ठा' है. यह रिपोर्ट बताती है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. आइए जानते हैं इस रिपोर्ट की मुख्य बातें....

आर्थिक समीक्षा 2025-26 की खास बातें

  1. वित्त वर्ष 2025-26 में रियल जीडीपी ग्रोथ  7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि ग्रॉस वैल्यू ऐडेड(GVA)  ग्रोथ 7.3 प्रतिशत रह सकती है.
  2. भारत की संभावित ग्रोथ क्षमता करीब 7 प्रतिशत आंकी गई है. वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी ग्रोथ 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रह सकती है.
  3. केंद्र सरकार की आमदनी बढ़ी है और वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर यह जीडीपी के 9.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
  4. सितंबर 2025 तक बैंकों का ग्रॉस NPA (Non-performing assets) घटकर 2.2 प्रतिशत रह गया है, जो कई सालों का सबसे निचला स्तर है.
  5. प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत मार्च 2025 तक 55.02 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं. इनमें से 36.63 करोड़ खाते गांव और छोटे शहरों में हैं.
  6. दिसंबर 2025 तक वित्त वर्ष 2025-26 में 2.35 करोड़ नए डीमैट खाते जुड़े. अब कुल डीमैट खातों की संख्या 21.6 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है. सितंबर 2025 तक निवेशकों की संख्या 12 करोड़ के पार पहुंच गई, जिनमें करीब 25 प्रतिशत महिलाएं हैं.
  7. साल 2005 से 2024 के बीच दुनिया के कुल सामान निर्यात में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 1.8 प्रतिशत हो गई है, जो पहले एक प्रतिशत से भी कम थी.
  8. सेवा निर्यात में मजबूत बढ़त देखने को मिली है. वित्त वर्ष 2024-25 में यह 13.6 प्रतिशत बढ़कर 387.6 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.
  9. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा पैसा पाने वाला देश बना हुआ है. वित्त वर्ष 2024-25 में विदेश से आने वाला पैसा बढ़कर 135.4 अरब डॉलर हो गया.
  10. 16 जनवरी 2026 तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 701.4 अरब डॉलर हो गया है, जो 11 महीने के आयात और 94 प्रतिशत बाहरी कर्ज के लिए काफी है.
  11. अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान देश में औसत महंगाई 1.7 प्रतिशत रही, जो काफी काबू में मानी जा रही है.
  12. साल 2024-25 में अनाज का उत्पादन बढ़कर 35.77 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल से करीब 254 लाख टन ज्यादा है.
  13. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक किसानों को 4.09 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की मदद दी जा चुकी है.
  14. मनरेगा से जुड़ा विकसित भारत जी राम जी कार्यक्रम गांवों में रोजगार को 2047 के लक्ष्य के मुताबिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा सुधार माना गया है.
  15. वित्त वर्ष 2025-26 की पहली और दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का जीवीए क्रमशः 7.72 प्रतिशत और 9.13 प्रतिशत बढ़ा, जो उद्योग में सुधार का संकेत है.
  16. उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं (PLI)  के तहत 14 सेक्टरों में 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आया है. इससे 18.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का उत्पादन हुआ और 12.6 लाख से ज्यादा नौकरियां बनी हैं.
  17. भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 10 बड़ी परियोजनाओं से देश की घरेलू क्षमता मजबूत हुई है.
  18. हाईवे और रेलवे नेटवर्क में बड़ी बढ़त हुई है. 2013-14 में जहां हाई स्पीड कॉरिडोर 550 किलोमीटर थे, वहीं दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 5,364 किलोमीटर हो गए. वित्त वर्ष 2025-26 में 3,500 किलोमीटर नई रेलवे लाइन जोड़ी गई.
  19. भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट बन गया है. 2014 में जहां 74 एयरपोर्ट थे, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 164 हो गई है.
  20. बिजली वितरण कंपनियों के लिए बड़ा बदलाव आया है. वित्त वर्ष 2024-25 में डिस्कॉम ने पहली बार 2,701 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया.
  21. नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है.
  22. जनवरी 2026 तक ई श्रम पोर्टल पर 31 करोड़ से ज्यादा असंगठित मजदूरों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें 54 प्रतिशत महिलाएं हैं.

आर्थिक समीक्षा 2025-26 साफ दिखाती है कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. अब इन आंकड़ों के आधार पर 1 फरवरी को आने वाले बजट से आम लोगों को कई अहम संकेत मिलने की उम्मीद है.
 

Featured Video Of The Day
Baramati: अपने अंतिम सफर पर निकले Ajit Pawar, नम आखों से विदा करने पहुंच रहे नेता और जनता