दीपिंदर गोयल की कंपनी LAT Aerospace का पहला प्लेन टेकऑफ के बाद क्रैश, फिर भी क्यों जश्न मना रहे हैं जोमैटो फाउंडर?

दीपिंदर गोयल के मुताबिक, विमान में कुछ स्ट्रक्चर से जुड़ी दिक्कतें पहले से सामने आ चुकी थीं. सिमुलेशन में भी यह बात पता चल गई थी कि टेस्ट के बाद प्लेन क्रैश हो सकता है.

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दीपिंदर गोयल का कहना है कि LAT Aerospace एविएशन सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है.
नई दिल्ली:

फूड डिलीवरी की दुनिया में तहलका मचाने के बाद, जोमैटो (Zomato) के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल अब एविएशन स्पेस में एंट्री की तैयारी में हैं.उनकी नई स्टार्टअप कंपनी LAT Aerospace ने अपने पहले विमान प्रोटोटाइप 'LAT One v0.1' का सफल उड़ान परीक्षण पूरा कर लिया है. हालांकि, टेकऑफ के कुछ ही देर बाद फ्लाइट क्रैश हो गया, लेकिन कंपनी इसे अपनी हार नहीं बल्कि एक बड़ी जीत मान रही है. कंपनी का कहना है कि इस बाद का अंदाजा पहले से था और टेस्ट का मकसद पूरा हो गया.

पहली उड़ान में दिखी खास टेक्नोलॉजी

दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस टेस्ट फ्लाइट का वीडियो शेयर किया. उन्होंने बताया कि यह उड़ान कंपनी के लिए एक बड़ा पड़ाव है. इस टेस्ट में LAT One v0.1 नाम के प्रोटोटाइप ने ultra short takeoff और landing यानी बहुत कम दूरी में टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता दिखाई. यही इस टेस्ट का सबसे बड़ा मकसद था.

टेकऑफ के बाद प्लेन क्यों हुआ क्रैश?

दीपिंदर गोयल के मुताबिक, विमान में कुछ स्ट्रक्चर से जुड़ी दिक्कतें पहले से सामने आ चुकी थीं. सिमुलेशन में भी यह बात पता चल गई थी कि टेस्ट के बाद प्लेन क्रैश हो सकता है. इसलिए टीम इसके लिए तैयार थी. उन्होंने साफ कहा कि प्लेन का उड़ जाना सिर्फ 20 फीसदी काम है असली चुनौती सुरक्षित लैंडिंग की होती है और उसी पर अब ज्यादा काम किया जा रहा है.

नया प्रोटोटाइप पहले से तैयार

इस टेस्ट के साथ ही कंपनी ने आगे की तैयारी भी कर ली है. LAT Aerospace अब Lat One v0.2 पर काम कर रही है. उम्मीद है कि नया प्रोटोटाइप पूरी उड़ान को सफल तरीके से पूरा करेगा. टीम का फोकस अब प्लेन को सुरक्षित तरीके से लैंड कराने पर है.

LAT Aerospace की शुरुआत जनवरी 2025 में दीपिंदर गोयल और Zomato की पूर्व एग्जीक्यूटिव सुरोभी दास ने मिलकर की थी. यह स्टार्टअप ऐसे छोटे विमान बना रहा है जो बड़े एयरपोर्ट की जगह छोटे एयर स्टॉप से उड़ान भर सकें. इसका मतलब है कि भविष्य में बहुत कम जगह से भी हवाई सफर और सामान की डिलीवरी संभव हो सकती है.

मुंबई पुणे रूट तक उड़ान की क्षमता

दीपिंदर गोयल के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक डेमो प्लेन करीब 60 मिनट तक उड़ान भर सकता है. यह अपने आप मुंबई से पुणे तक का सफर करने में सक्षम है. इससे छोटे रूट पर सामान पहुंचाने और बिना पायलट वाली उड़ानों की बड़ी संभावना दिखती है.

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कंपनी सिर्फ इलेक्ट्रिक प्लेन तक सीमित नहीं रहना चाहती. LAT Aerospace भविष्य के लिए हाइब्रिड इलेक्ट्रिक सिस्टम पर भी काम कर रही है जिससे प्लेन की दूरी और वजन उठाने की क्षमता बढ़ सके. इसके अलावा कंपनी अपने गैस टर्बाइन इंजन खुद डिजाइन करने के लिए भी टीम बना रही है जो किसी नए स्टार्टअप के लिए काफी बड़ी और अलग पहल मानी जा रही है.

 LAT Aerospace एविएशन सेक्टर में ला सकती है बड़ा बदलाव

प्लेन क्रैश होने के बावजूद दीपिंदर गोयल का कहना है कि इस अनुभव से टीम ने बहुत कुछ सीखा है. उन्होंने कहा कि यह टेस्ट कंपनी को और मजबूत बनाएगा. उनके मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में LAT Aerospace एविएशन सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है.

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