Davos 2026: स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) से भारत के लिए एक बड़ी खबर आई है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार दिया है. उन्होंने अपने संबोधन में अमेरिका को साफ संदेश देने की कोशिश की कि अब टैरिफ से बेखौफ होकर यूरोप नए साथियों संग साझेदारी के लिए तैयार है. यह समझौता न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है.
2 अरब लोगों के लिए खुलेगा बाजार
वॉन डेर लेयेन ने कहा, "यह समझौता दुनिया की अर्थव्यवस्था की दिशा बदल देगा. यह डील लगभग 2 अरब लोगों के लिए एक बड़ा बाजार तैयार करेगी. साथ ही ये ग्लोबल जीडीपी के लगभग एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगी." उन्होंने इसे यूरोप की नई आर्थिक आजादी की ओर एक बड़ा कदम बताया.
ईयू अध्यक्ष के अनुसार, "संभावित व्यापार समझौता यूरोप को मजबूत करेगा. यूरोप लैटिन अमेरिका से लेकर एशिया प्रशांत के इकोनॉमिक पावरहाउस को चुन रहा है और दुनिया भी हमारी ओर हाथ बढ़ा रही है."
गणतंत्र दिवस पर भारत आएंगी वॉन डेर लेयेन
यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष अगले हफ्ते भारत आ रही हैं. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और वॉन डेर लेयेन भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगी. पहली बार ईयू की एक सैन्य टुकड़ी गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेकर रणनीतिक नजदीकी का संदेश देगी. परेड के ठीक अगले दिन, यानी 27 जनवरी को इस मेगा डील को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है.
अमेरिका को दिया कड़ा संदेश
दावोस के मंच से वॉन डेर लेयेन ने अमेरिका को भी एक साफ संदेश दिया. उन्होंने कहा कि यूरोप अब टैरिफ के डर से पीछे नहीं हटेगा, बल्कि नए और मजबूत साथियों के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा.
भारत के लिए क्या मायने हैं?
यह भारत के लिए अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता होगा. 27 देशों के यूरोपीय ब्लॉक के साथ सर्विस और सामानों का यह तालमेल भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है.














