Copper Price Today: एमसीएक्स में इन दिनों लगातार हलचल हो रही है. एक तरफ सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹2.80 लाख के लेवल के आस-पास बने हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ कॉपर ने अपनी चाल से सभी को चौंका दिया है. एक्सपर्ट पहले ही बोल चुके हैं कि साल 2026 कॉपर के लिए गेम चेंजर हो सकता है.
क्या हैं कॉपर के भाव?
आंकड़ों के अनुसार, जहां सोने-चांदी की कीमतों में मुनाफावसूली देखी गई, वहीं कॉपर के दाम 1,200 से 1,300 रुपये प्रति किलो के दायरे में मजबूती से बने हुए हैं. दुनिया का सबसे बड़ा कॉपर उपभोक्ता चीन अपने भंडार को बढ़ाने के लिए लगातार खरीदारी कर रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में सप्लाई की कमी हो गई है. इसके अलावा नए माइनिंग प्रोजेक्ट्स की कमी से बाजार में तांबे की किल्लत महसूस की जा रही है.
कॉपर की डिमांड कहां-कहां?
कॉपर अब सिर्फ बिजली के तारों तक सीमित नहीं है. एक नॉर्मल कार की तुलना में EV में 4 गुना ज्यादा कॉपर इस्तेमाल होता है. इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डेटा सेंटर्स को ठंडा रखने और बिजली सप्लाई के लिए बड़ी मात्रा में कॉपर की जरूरत पड़ रही है. साथ ही सोलर पैनल और विंड टर्बाइन के बिना कॉपर के अधूरे हैं.
रिस्क कम
सोना भले ही पोर्टफोलियो को सेफ्टी देता हो, लेकिन कॉपर इस समय ग्रोथ का सौदा है. एक्सपर्ट के अनुसार अगर वैश्विक इकोनॉमी रफ्तार पकड़ती है, तो कॉपर के भाव 1,500 रुपये के पार जाने में देर नहीं लगेगी.
क्या खरीदारी का सही समय है?
कॉपर की कीमतों में मामूली गिरावट उन निवेशकों के लिए एंट्री पॉइंट हो सकती है जो सोने की महंगी कीमतों की वजह से निवेश नहीं कर पा रहे थे.














