- केंद्र सरकार ने बजट में तटीय, पर्वतीय और औषधीय खेती करने वाले किसानों के लिए लक्षित योजनाएं बनाई हैं
- तटीय क्षेत्र के काजू और नारियल किसानों को वित्तीय सहायता देकर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा
- पहाड़ी इलाकों में खुमानी, अखरोट और बादाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार बजट में धुरंधर खेत‑खलिहान की सोच पर बड़ा दांव लगाया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा करते हुए साफ संकेत दिया कि चाहे तटवर्ती काजू‑नारियल किसान हों, पहाड़ी इलाकों के खुमानी‑अखरोट‑बादाम उत्पादक हों या औषधीय खेती करने वाले किसान. हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की गई हैं. बजट के अनुसार, भारत अब अपनी विशेष फसलों को वैश्विक बाज़ार में प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर काम करेगा.
किसानों के लिए बजट की प्रमुख घोषणाएं
तटवर्ती क्षेत्रों के किसानों के लिए बड़ी मदद
काजू और नारियल किसानों को वित्तीय सहायता व प्रोत्साहन, ताकि तटीय क्षेत्रों में उनकी आय बढ़ सके. सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय काजू को ‘प्रीमियम ब्रांड' के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा.
पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष पैकेज
पहाड़ी इलाकों में खुमानी, अखरोट और बादाम की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इन फसलों के लिए खास प्रोत्साहन योजनाएं लागू होंगी, ताकि कठिन भूगोल में भी किसान अधिक कमाई कर सकें,.
कोको और चंदन पर बड़ा ऐलान
कोको की खेती को बढ़ावा मिलेगा, जिससे चॉकलेट और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को स्थानीय उत्पादन का सहारा मिलेगा. चंदन की खेती के लिए राज्यों और किसानों को विशेष सहायता, ताकि यह महंगी और मांग वाली फसल फिर से भारत की पहचान बन सके.
किसानों और महिला उद्यमियों को एआई की मिलेगी नई ताकत
भारत-विस्तार: बहु भाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करके किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद करेगा. ️ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम के लिए SHE-मार्टस: महिलाओं को उद्यमों का मालिक बनने में मदद करेगा.
औषधीय खेती को सीधा लाभ
उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है. इससे जड़ी-बूटी उगाने वाले किसानों की कमाई सीधे बढ़ेगी, क्योंकि निर्यात बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है.
ये भी पढ़ें-: Union Budget 2026: टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में नए टेक्सटाइल पार्क, MSME के लिए 12,000 करोड़ का पैकेज














