1 फरवरी 2026 को देश का बजट पेश होने वाला है. बजट से ठीक एक दिन पहले आज शनिवार, 31 जनवरी, 2026 का दिन सिर्फ नंबरों का नहीं, नब्ज टटोलने का भी दिन है. बजट में ये साफ होगा कि आर्थिक सर्वे में खींची गई तस्वीर को वित्त मंत्री कितनी मजबूती या नई दिशा देती हैं. आर्थिक सर्वे ने एक तरफ जीडीपी ग्रोथ, महंगाई, रोजगार और राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर सरकार के प्रदर्शन और चुनौतियों का लेखा-जोखा रखा, तो दूसरी तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ाने के संकेत भी दिए हैं. इसी सर्वे को आधार मानते हुए सवाल ये है कि 1 फरवरी को आने वाले बजट में आम आदमी, किसान, मध्यम वर्ग, उद्योग और राज्यों के लिए क्या नया होगा, क्या महंगा होगा और किस पर राहत बरस सकती है.
यहां आज दिनभर 31 जनवरी, शनिवार को आपको मिलेगी बजट पर हर छोटी-बड़ी अपडेट.
Budget 2026 से वो 5 सवाल जिनके जवाब जानना चाहेगा देश
इस बार जब वित्त मंत्री संसद में बजट ब्रीफकेस लेकर खड़ी होंगी, तो सवाल सिर्फ ये नहीं होगा कि टैक्स में कितनी राहत मिली, क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ... बल्कि ये भी होगा कि टैरिफ टेरर, जहरीली हवा, AI की मार, कमोडिटी कीमतों और कमजोर पड़ते रुपये जैसे मोर्चों पर सरकार देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है. आम आदमी से लेकर कारोबारी, युवा से लेकर पेंशनभोगी तक, सबके दिमाग में कुछ बुनियादी सवाल तैर रहे हैं, जिनके जवाब की उम्मीद वित्त मंत्री के बजट भाषण से होगी.
Budget Live News: बजट में वित्त मंत्री के भाषण पर नजर रखें कर्मचारी और पेंशनर्स
8th Pay Commissions: सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए वित्त मंत्री का बजट भाषण महत्वपूर्ण हो सकता है. अगर केंद्र सरकार बजट में संशोधित वेतन और पेंशन के वित्तीय बोझ को संभालने के लिए किसी तरह के फंड का प्रावधान करती है, तो ऐसे में आयोग की सिफारिशों के जल्द लागू होने की अटकलें तेज हो जाएंगी. सबकुछ ठीक रहा तो आयोग मई 2027 की समयसीमा से पहले ही अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है.
लंबी अवधि के प्रभाव का बजट हो सकता है ये बजट: एमके ग्लोबल
एमके ग्लोबल (Emkay Global) ने बजट को 'लो–इम्पैक्ट इवेंट' बताया है. फर्म का कहना है कि ग्रोथ को सपोर्ट करने वाले ज्यादातर बड़े फैसले पिछले साल ही उठाए जा चुके हैं, जैसे कि इनकम टैक्स रिफॉर्म, GST 2.0 रिफॉर्म, इसलिए नई बड़ी घोषणाओं की गुंजाइश सीमित है. एमके का आकलन है, 'कोई भी नया रिफॉर्म अगर आया भी, तो वह ग्रैजुअल होगा, जिसका असर लंबी अवधि में दिखेगा.
Budget 2026: बजट से पहले सोना-चांदी सस्ता
Gold Silver Before Budget: बजट से पहले सोने-चांदी में बड़ी गिरावट देखी गई है. चांदी में जहां 1 लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है, जबकि सोना भी 33,000 रुपये सस्ता हुआ है. सर्राफा बाजार में चांदी 40,638 रुपये सस्ता हुआ है, जबकि सोना 9,545 रुपये सस्ता हुआ है. IBJA यानी इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, एक किलो चांदी का भाव 3,39,350 रुपये/किलो पर आ गया है. वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव 1,65,795 रुपये/10 ग्राम पर आ गया है. शुक्रवार शाम 5 बजे IBJA क्लोजिंग रेट जारी करता है और फिर सोमवार की सुबह खुलता है. यानी नए रेट अब सोमवार सुबह 9 बजे जारी होंगे.
Budget 2026 Expectations: बजट से हर वर्ग की बड़ी उम्मीदें
- मिडिल क्लास (मध्यम वर्ग): इस वर्ग को सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में छूट और टैक्स स्लैब में बदलाव से है. साथ ही, होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली डिडक्शन की सीमा बढ़ाने की भी उम्मीद है ताकि घर खरीदना सस्ता हो सके.
- महिलाएं: महिलाओं को उम्मीद है कि उज्ज्वला योजना जैसी स्कीमों का दायरा बढ़ेगा और महिला उद्यमियों के लिए सस्ते लोन की व्यवस्था होगी. इसके अलावा, कामकाजी महिलाओं के लिए टैक्स में विशेष छूट की भी मांग है.
- युवा: युवाओं की नजर मुख्य रूप से रोजगार के नए अवसरों और स्टार्टअप्स के लिए मिलने वाली सरकारी मदद पर है. वे एजुकेशन लोन (Education Loan) पर ब्याज दरों में कमी और स्किल डेवलपमेंट के लिए बड़े बजट की उम्मीद कर रहे हैं.
- किसान: किसानों को PM-Kisan योजना की राशि बढ़ाए जाने और खाद-बीज पर सब्सिडी जारी रहने की उम्मीद है. साथ ही, वे फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कदम चाहते हैं.
बजट 2025 के दौरान सर्च किए टॉपिक्स
निवेशकों के लिए क्या है सबक?
आंकड़े बताते हैं कि बजट के बाद बाजार में रिकवरी और बढ़त की संभावना 70% से ज्यादा रहती है. खासकर मिडकैप और लार्जकैप (सेंसेक्स/निफ्टी) में स्थिरता के साथ रिटर्न मिलने की उम्मीद ज्यादा होती है.
15 साल में 9 बार बजट ने बाजार में भरा जोश
हर निवेशक या ट्रेडर के मन में यह सवाल आता है कि बजट के बाद शेयर बाजार कैसा प्रदर्शन करेगा. इसलिए हम आपके लिए पिछले 15 बजट के बाद शेयर बाजार की चाल का पूरा विश्लेषण लेकर आए हैं. एसबीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में बताया गया कि बजट पेश होने के एक हफ्ते बाद सेंसेक्स ने 15 में से 11 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है. इन दौरान निवेशकों को सकारात्मक 2.10 प्रतिशत का रिटर्न मिला है. इस दौरान सेंसेक्स केवल चार बार नुकसान में बंद हुआ है और इस दौरान औसत नुकसान 2.05 प्रतिशत का रहा है.
बजट पेश होने के तीन महीने की अवधि के बाद सेंसेक्स ने 15 में से नौ बार सकारात्मक रिटर्न दिया है और इस दौरान औसत मुनाफा 6.77 प्रतिशत रहा है. वहीं, छह बार सेंसेक्स ने नकारात्मक रिटर्न दिया है और औसत नुकसान 5.28 प्रतिशत का रहा है.
निफ्टी में भी कुछ इसी तरह का ट्रेड देखने को मिला है. बजट पेश होने के एक हफ्ते बाद निफ्टी ने 15 में से 12 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है. इस दौरान औसत मुनाफा 2.04 प्रतिशत रहा है और तीन बार नकारात्मक रिटर्न दिया है, जिसमें औसत नुकसान 2.65 प्रतिशत रहा है.
बजट पेश होने के तीन महीने की अवधि के बाद निफ्टी ने 15 में से नौ बार सकारात्मक रिटर्न दिया है, जिसमें औसत रिटर्न 7.40 प्रतिशत रहा है और छह बार एनएसई के मुख्य सूचकांक ने नकारात्मक रिटर्न दिया है, जिसमें औसत नुकसान 5.46 प्रतिशत रहा है.
बजट से पहले भारत को क्यों नहीं है टैरिफ की टेंशन?
Budget 2026: भारत के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की ग्रोथ रेट मजबूत रहेगी. सरकार ने अपनी तैयारियों में दुनिया भर में चल रही टैरिफ की अनिश्चितता का भी ध्यान रखा है. टैरिफ संबंधी जोखिमों पर CEA नागेश्वरन ने साफ किया कि भारत के विकास अनुमानों में इन सभी बाहरी झटकों और अनिश्चितताओं को पहले ही शामिल कर लिया गया है.
Budget Expectations: क्या PM किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाएगी?
Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट से हर वर्ग उम्मीद लगाए हुए है. किसानों को भी बजट से कई उम्मीदें हैं. इसमें एक उम्मीद PM किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाए जाने को लेकर भी है. किसान उम्मीद लगाए हुए हैं कि पीएम-किसान सम्मान की राशि सालाना 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दी जाए. किसानों की अन्य प्रमुख मांगों में खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और फसलों के MSP को कानूनी दर्जा दिया जाना शामिल हैं. आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 11 करोड़ किसानों को अब तक कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार का फोकस किसानों को मजबूत बनाने पर है.
वित्त मंत्री बोलीं- भारत बना ग्लोबल ब्राइट स्पॉट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के समय में भारत दुनिया के लिए ब्राइट स्पॉट है और स्थिरता के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है. वित्त मंत्री सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आर्थिक सर्वेक्षण के बारे में की गई पोस्ट में कहा, 'वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत गति बनाए रखी है और प्रथम अग्रिम अनुमानों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह प्रदर्शन लगातार चौथे वर्ष भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करता है.'
Share Market Open or Close: 1 फरवरी को बजट के दिन खुला या बंद रहेगा शेयर बाजार?
Budget Day Share Market: अगर आप शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग करते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. 1 फरवरी 2026 को बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद NSE और BSE दोनों खुले रहेंगे. एक्सचेंज की तरफ से साफ कर दिया गया है कि बाजार अपने सामान्य समय पर खुलेगा. सुबह 9 बजकर 15 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक ट्रेडिंग होगी. बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
Budget News LIVE: बजट को लेकर क्या सर्च करते हैं लोग?
Live Budget News Updates: बजट से सबसे ज्यादा उम्मीदें आम आदमी को होती है, कारण कि उन्हें इनकम टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद होती है. पर ये आम आदमी आखिर गूगल पर क्या इनकम टैक्स ही सर्च करता है? 30 जनवरी से लेकर 2 फरवरी तक का गूगल ट्रेंड बताता है कि इनकम टैक्स से ज्यादा दूसरे शब्द की सर्च होती है. सबसे ज्याद सर्चिंग कीवर्ड होता है- बजट. साल 2023, 2024 और 2025 में 30 जनवरी से 2 फरवरी के बीच के गूगल ट्रेंड्स पर जब हमने बजट और इनकम टैक्स डालकर सर्च किया, तो पता चला कि बजट की सर्चिंग चारों दिन इनकम टैक्स से ज्यादा रही. पूरी रिपोर्ट आपको हैरान कर देगी.














