Budget 2026: क्या मिडिल क्लास की जेब में बचेगा ज्यादा पैसा? क्या सस्ता और क्या हो सकता है महंगा? जानें बजट से जुड़ी हर बड़ी उम्मीदें

Budget 2026 Expectation:बजट में रोजमर्रा के खर्चों को लेकर भी अहम घोषणाएं होने की उम्मीद हैं. एक्सपर्ट्स ने रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों और सस्ते जूतों पर GST कम करने की सिफारिश की है. मिडिल क्लास की नजरें स्टैंडर्ड डिडक्शन पर टिकी हुई हैं.

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Union Budget 2026-27 Expectation: इस बजट में मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों की नजरें स्टैंडर्ड डिडक्शन पर टिकी हुई हैं.
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  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी, जिसमें मिडिल क्लास और सैलरीड को काफी उम्मीदें हैं.
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75,000 रुपये से एक लाख रुपये करने की मांग सैलरीड क्लास को राहत दे सकती है.
  • 30% टैक्स स्लैब की सीमा 24 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये करने की मांग भी चर्चा में है.
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नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने जा रही हैं. जैसे-जैसे बजट की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे ही देश के करोड़ों मिडिल क्लास और परिवारों और सैलरीड लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं. लोगों के मन में टैक्स, महंगाई और राहत को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल काफी उठा-पटक के दौर से गुजर रही है. मौजूदा समय में एक तरफ रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर (₹91.50) पर पहुंच गया है तो दूसरी तरफ ग्लोबल ट्रेड के मोर्चे पर 50 अमेरिकी टैरिफ का काफी असर पड़ा है. ऐसे में हर किसी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार टैक्स के बोझ को कम करेगी या फिर महंगाई का झटका और तेज होगा?

बजट से पहले मिडिल क्लास सरकार से कुछ ऐसे फैसलों की उम्मीद लगाए बैठी है, जो उन्हें महंगाई और टैक्स के बोझ से राहत देने के साथ-साथ उनकी बचत को भी मजबूत कर सकें.आइए जानते हैं, इस बार के बजट में मिडिल क्लास की उम्मीदों का पिटारा क्या कहता है...

क्या मिडिल क्लास के हाथ में बचेगा ज्यादा पैसा?

इस बजट में मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों की नजरें स्टैंडर्ड डिडक्शन पर टिकी हुई हैं. महंगाई के बढ़ते बोझ को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को मौजूदा 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाना चाहिए. इससे सैलरीड क्लास को सीधी राहत मिल सकेगी.

हालांकि, नए आयकर कानून के चलते टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन इस दौरान सबसे ऊंचे 30% टैक्स स्लैब की लिमिट को 24 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपए करने की मांग जरूर उठ रही है, ताकि ज्यादा सैलरी पाने वालों को भी राहत मिल सके.

इसके अलावा, होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली 2 लाख रुपये की छूट को ‘नई टैक्स व्यवस्था' में शामिल करने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. अगर ऐसा होता है, तो घर खरीदने वाले मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिल सकती है.

क्या महंगाई से भी मिलेगी राहत?

इस बजट में रोजमर्रा के खर्चों को लेकर भी अहम घोषणाएं होने की उम्मीद हैं. एक्सपर्ट्स ने रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों और सस्ते जूतों पर GST कम करने की सिफारिश की है. खाने-पीने की चीजों की कीमतों में अस्थिरता रोकने के लिए सरकार कृषि क्षेत्र और कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े फंड की घोषणा कर सकती है.

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इसके अलावा LPG और उर्वरक सब्सिडी का बजट आवंटन यह तय करेगा कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ेंगी या नहीं.

निवेशकों और छोटे कारोबारियों की मांग 

शेयर बाजार के निवेशकों और उद्यमियों के लिए भी यह बजट काफी अहम होगा. निवेशकों की मांग है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) की दरों को आसान बनाया जाए.

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वहीं, छोटे उद्योग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार सस्ता कर्ज उपलब्ध कराएगी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए खास इंसेंटिव देगी, ताकि अमेरिकी टैरिफ से होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई हो सके और व्यवसाय सुचारू रूप से चल सके.

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