अदाणी पोर्ट्स ने रचा इतिहास, 500 मिलियन टन कार्गो हैंडल करने वाली पहली कंपनी बनी, गौतम अदाणी ने बताया- उपलब्धि क्‍यों है खास

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि 500 मिलियन टन का आंकड़ा पार करना भारत की विकास गाथा में हमारे दशकों पुराने भरोसे का संकेत है.

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Adani Ports and Sez ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

देश के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर सेक्‍टर (Infrastructure sector) और अदाणी ग्रुप के लिए आज का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ है. देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी और पोर्ट डेवलपर APSEZ यानी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने 500 मिलियन टन (MMT) कार्गो हैंडल करने का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है. ये उपलब्धि न केवल कंपनी के विकास को दर्शाती है, बल्कि देश की इंफ्रा लीडरशिप स्‍ट्रेंथ भी दिखाती है.  

इस उपलब्धि का असर अदाणी पोर्ट्स के शेयरों पर भी देखने को मिला. बुधवार की दोपहर करीब 12:30 बजे अदाणी पोर्ट्स के शेयर 6.73% या 90 रुपये के उछाल के साथ 1,401 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे थे. 

1998 से अब तक: सिंगल पोर्ट से विशाल नेटवर्क तक

APSEZ की ये यात्रा 1998 में एक एकल बंदरगाह के विजन के साथ शुरू हुई थी, जो आज भारत और विदेशों में 19 बंदरगाहों और टर्मिनलों के नेटवर्क में बदल चुकी है. कंपनी की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां पहले 100 मिलियन टन तक पहुंचने में उसे 16 साल लगे थे, वहीं उसके बाद के हर 100 मिलियन टन को पिछले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से जोड़ा गया है.

गौतम अदाणी ने बताया- क्‍यों खास है ये उपलब्धि 

इस अवसर पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, 'बंदरगाह केवल व्यापार के प्रवेश द्वार नहीं हैं, वे राष्ट्रीय आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धात्मकता और नियति के द्वार हैं'. उन्होंने आगे कहा कि 500 मिलियन टन का आंकड़ा पार करना भारत की विकास गाथा में हमारे दशकों पुराने भरोसे का संकेत है. 'APSEZ का सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाकी है, और भारत का सर्वश्रेष्ठ उसके सामने है'.

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अपने तरह की एकमात्र पोर्ट कंपनी है APSEZ 

APSEZ ने केवल बंदरगाह ही नहीं, बल्कि एक अद्वितीय इंटरकनेक्टेड परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म है. वर्तमान में इसकी क्षमताओं पर एक नजर डाल लीजिए- 

  • पोर्ट्स: भारत की 11,000 किमी लंबी तटरेखा पर 15 रणनीतिक पोर्ट्स और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय ईस्ट-वेस्ट ग्लोबल कॉरिडोर पर 4 अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह 
  • लॉजिस्टिक्स: भारत के 95% हिंटरलैंड (भीतरी इलाकों) तक पहुंच, जिसमें 12 मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 132 ट्रेनें, 20,000 से अधिक ट्रक और 2.9 लाख वर्ग मीटर का वेयरहाउसिंग स्पेस शामिल है.
  • समुद्री बेड़ा (Marine): 118 नियरशोर टगबोट्स और 53 ऑफशोर जहाजों सहित कुल 127 जहाजों का बेड़ा.
  • एग्री इन्फ्रा: सुरक्षित भंडारण के लिए 25 एग्री साइलो (Agri Silos).

भविष्य का लक्ष्य: 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग

APSEZ वर्तमान में 633 मिलियन टन प्रति वर्ष की कार्गो हैंडलिंग क्षमता रखता है और भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 28% नियंत्रित करता है. कंपनी अब अपने अगले बड़े लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ रही है-साल 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो थ्रूपुट हासिल करना.

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कंपनी न केवल स्केल बल्कि स्थिरता (Sustainability) में भी अग्रणी है. 2025 के S&P ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में APSEZ को दुनिया की शीर्ष 5% ट्रांसपोर्ट इंफ्रा फर्मों में रखा गया है. इसके अलावा, विश्व बैंक के 'कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2024' में इसके पांच बंदरगाहों को जगह मिली है.अपनी अत्याधुनिक डिजिटल बुनियादी संरचना और AI-आधारित ऑप्टिमाइजेशन के साथ, APSEZ आज 'शोर-टू-डोर' यानी समुद्रतट से दरवाजे तक  इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करने वाली भारत की लीडिंग कंपनी बन गई है.  

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(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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