8th Pay Commission: कर्मचारियों की चमकेगी किस्मत! मान ली गईं ये बातें तो सैलरी में आएगा बंपर उछाल

8th Pay Commission: केंद्र सरकार यूनियनों की मांगें मान लेती है और वेतन तय करने वाला नया फॉर्मूला बदल देती है, तो इसका काफी बड़ा असर हो सकता है.

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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है. इस वेतन आयोग के जरिए कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है. हालांकि कर्मचारी संघों ने महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन में बदलाव करने की मांग उठाई है. सरकार की तरफ से डीए की कैलकुलेशन में बदलाव को लेकर कोई ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है, लेकिन ये मुद्दा काफी समय से चल रहा है.

वहीं आयोग ने 18 सवालों वाली प्रश्नावली पर रिएक्शन देने के लिए आखिरी तारीख को बढ़ा दिया है. संगठन अब 31 मार्च 2026 तक अपने जवाब भेज सकते हैं. 

संगठन डीए के फॉर्मूले में क्यों कर रहे बदलाव की मांग

यूनियन डीए के फॉर्मूले में बदलाव की मांग को लेकर कहना है कि ये फॉर्मूला पहले की महंगाई दर के हिसाब  से बनाया गया था. अब जब महंगाई बढ़ रही है तो इस कैलकुलेशन को भी बदलना चाहिए. यूनियन के अनुसार पहले लोगों के खर्चे कम थे. अब इंटरनेट के साथ डिजिटल सर्विस, महंगी होती पढ़ाई, इलाज सभी दूसरे खर्चे जुड़ गए हैं. अभी का फॉर्मूला इन सभी बातों को शामिल नहीं करता है. अभी सरकार डीए परिवार के 3 मेंबर्स को देखते हुए तय करती है. यूनियन का मानना है कि इसके 5 सदस्यों के हिसाब से बनाया जाए.

डीए का ऐलान सरकार होली और दीवाली के आसपास करती है. इसलिए अब मार्च के आखिर में या अप्रैल के पहले हफ्ते में इसकी घोषणा हो सकती है. डीए में हुए इजाफे का फायदा 1 जनवरी 2026 से मिलेगा. यानी कर्मचारी को पुराने महीनों का पैसा एरियर के रूप में दिया जाएगा.

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इसके अलावा यूनियन की दूसरी मांगे भी हैं. जैसे डीए को बेसिक पे में मिला दिया जाए, जिससे पेंशन और दूसरे भत्तों पर इसका असर दिखाई दे. दूसरी तरफ पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाए. फिटमेंट फैक्टर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में ठीक दिया जाए, जिससे सैलरी में अच्छी खासी ग्रोथ दिखाई दे.

क्या है पुराना आयक्रॉयड फॉर्मूला?

साल 1957 में आयक्रॉयड फॉर्मूले को लाया गया था. इसी के बेस पर मिनिमम बेसिक पे तय की जाती हैं. इसमें बताया गया कि एक शख्स को रोज करीब 2700 कैलोरी मिले. साथ ही कपड़ा, किराया और दूसरी जरूरी चीजें मिलें. वहीं इसमें 3 लोगों के परिवार को शामिल किया गया.

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अगर केंद्र सरकार यूनियनों की मांगें मान लेती है और वेतन तय करने वाला नया फॉर्मूला बदल देती है, तो इसका काफी बड़ा असर हो सकता है. क्योंकि अगर मेंबर 3 से 5 होते हैं, तो न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये से बढ़कर 30 हजार रुपये या उससे ज्यादा हो सकता है. वहीं, अगर बेसिक बढ़ेगा तो डीए भी अपने‑आप ज्यादा मिलेगा. इसी तरह हर साल सैलरी बढ़ने की दर भी बढ़ जाएगी.

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