8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट आ रहा है. 12 फरवरी दिन आयोग के लिए बड़ा साबित हो सकता है. दरअसल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स ने 12 फरवरी 2026 को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह विरोध और तेज होगा.
क्या हैं मांगें?
कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने एक चार्टर ऑफ डिमांड्स रखा है, जिसमें संगठनों की मांग है कि सैलरी और पेंशन में बदलाव के लिए आयोग की शर्तों (TOR) में उनके सुझावों को शामिल किया जाए. इसके साथ कहा गया है कि 1 जनवरी 2026 से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बेसिक सैलरी/पेंशन का 20% इंटरिम रिलीफ के रूप में दिया जाए. 50% महंगाई भत्ते और महंगाई राहत को मूल वेतन बेसिक पे और पेंशन में जोड़ने की मांग की गई है.
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
नई पेंशन स्कीम और यूनिफाइड पेंशन स्कीम को खत्म कर सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लागू करने की मांग सबसे बड़ी है. कोरोना महामारी के समय रोके गए 18 महीने के DA/DR के एरियर को जल्द जारी करने की डिमांड की गई है.
कर्मचारियों का मानना है कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा हो चुका है और 1 जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग लागू हो जाना चाहिए था. सरकार की तरफ से इसमें हो रही देरी और उनकी मांगों पर ध्यान न दिए जाने की वजह से हड़ताल की जाएगी.














