बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं जिन्होंने इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है. हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं इसको बनने में 16 साल लगे थे. इस फिल्म को रिलीज हुए 66 साल हो गए हैं लेकिन फिल्म का जादू आज भी कम नहीं हुआ है. अमूमन फिल्मों को बनने में 2-3 साल लगते हैं लेकिन इस फिल्म को देखने के बाद पता लगता है कि इस फिल्म को बनने में 16 साल क्यों लगे. इस फिल्म के डायरेक्टर के. आसिफ को बॉलीवुड का जुनूनी डायरेक्टर कहा जाता था, उन्होंने इस फिल्म को बनाने में 16 साल लगा दिए, लेकिन फिल्म ऐसी बनाई कि सालों बाद भी फिल्म का जादू लोगों पर उसी तरह से बरकरार है.
इस फिल्म में दिलीप कुमार, मधुबाला और पृथ्वीराज कपूर जैसे बड़े कलाकार नजर आए थे. इसमें मधुबाला ने अनारकली का रोल निभाया था. बता दें कि फिल्म के साथ ही उसके गाने भी बेहद यादगार हैं. इस फिल्म में कुल 12 गाने थे. सभी गानों को लोगों ने पसंद किया था. सिर्फ फिल्म ही नहीं बल्कि इसके गाने भी लोगों के दिलो में अपनी जगह बनाए हुए हैं.
12 गानों ने बना दिया फिल्म को खास
बता दें कि इस फिल्म के सभी गाने के बोल शकील बदीयूनी ने लिखे थे और इन गानों का संगीत नौशाद ने तैयार किया था. इन गानों में लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, शमशाद बेगम और उस्ताद बड़े गुलाम अली खान जैसे दिग्गजों की आवाज सुनाई दी. तो चलिए जानते हैं वो 12 गानें और उनके पीछे छिपी कहानी.
1. मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे
मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे गाना लोगों को खूब पसंद आया था. आज भी सदाबहार गानों की लिस्ट में ये गाना शामिल रहता है. इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया था.
2. प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या ये गाना फिल्म के सबसे ज्यादा चर्चित सॉन्ग में से एक था. इस गाने को मधुबाला पर फिल्माया गया था. इस गाने की रिकॉर्डिंग भी बहुत खास तरीके से हुई थी. गाने में गूंज की आवाज लाने के लिए लता मंगेशकर ने इसे स्टूडियो के बाथरूम में गाया था. वहीं ऐसा भी बताया जाता है कि इस गाने के बोल को शकील बदायूंनी ने कई बार लिखा था.