अपनी बेहतरीन अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के लिए अदालती गलियारों से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में चल रही कानूनी खींचतान के बीच, दिल्ली की एक अदालत ने राजपाल यादव को अपना पक्ष मजबूती से रखने का एक और अहम मौका दिया है. कोर्ट ने उन्हें अपनी लिखित दलीलें और केस का सारांश (Synopsis) दाखिल करने की अनुमति दे दी है.
वकील भास्कर उपाध्याय ने क्या कहा?
इस मामले में राजपाल यादव का पक्ष रख रहे वकील भास्कर उपाध्याय ने आज की अदालती कार्यवाही की विस्तृत जानकारी साझा की. उन्होंने बताया, "राजपाल जी को आज अदालत में अपनी बात रखने और बहस करने का पूरा अवसर मिला है. कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे अपनी सभी लिखित दलीलें, तर्क और केस का पूरा सारांश (Synopsis) कोर्ट के समक्ष दाखिल करें. अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल 2026 को तय की गई है, जहां राजपाल जी अपनी सभी आपत्तियों और दलीलों पर विस्तार से बहस करेंगे. तब तक के लिए उनकी अंतरिम जमानत (Interim Bail) जारी रहेगी."
निजी तौर पर कोर्ट में पेश हुए राजपाल
आज की सुनवाई में एक विशेष बात यह रही कि अदालत ने राजपाल यादव को उनके व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जुड़ने की छूट दी थी. हालांकि, राजपाल यादव ने कानून के प्रति सम्मान दिखाते हुए व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का फैसला किया. वे खुद अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए, जो उनके केस के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है.
भतीजी की शादी और पुरानी राहत
आपको बता दें कि 17 फरवरी को कोर्ट ने राजपाल यादव की जमानत मंजूर की थी, जिसके तुरंत बाद वे अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे. उस समय मिली इस राहत के बाद अब 1 अप्रैल की तारीख इस कानूनी लड़ाई में बेहद निर्णायक साबित होने वाली है. 1 अप्रैल को राजपाल की लीगल टीम अपनी तमाम 'कंटेंशन' (Contention) यानी आपत्तियां और कानूनी बारीकियां कोर्ट के सामने रखेगी.
क्या है 9 करोड़ का यह पूरा मामला?
यह विवाद असल में एक फिल्म की फंडिंग और उसके बदले दिए गए चेक के बाउंस होने से जुड़ा है. आरोप है कि राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के निर्माण के लिए कर्ज लिया था, जिसे चुकाने के दौरान दिए गए चेक बाउंस हो गए. यह मामला काफी समय से अदालत में लंबित है और अब 1 अप्रैल को होने वाली अंतिम बहस से इस पर तस्वीर और साफ हो जाएगी. राजपाल यादव के प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री की नजरें अब 1 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ यह तय होगा कि उनकी दलीलें उन्हें इस कानूनी मुश्किल से कितनी जल्दी बाहर निकाल पाती हैं.
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