साउथ की फिल्मों का हिंदी दर्शकों के बीच क्रेज किसी से छिपा नहीं है. लेकिन हर दक्षिण भारतीय फिल्म का हिंदी संस्करण दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने की गारंटी बन बाएगा ऐसा होना लाजिमी नहीं है. इसकी ताजा मिसाल 'प्रेम कीटाणु' है जो मलयालम ब्लॉकबस्टर फिल्म 'प्रेमालु' का हिंदी रीमेक है. ओरिजिनल फिल्म ने बेहद कम बजट में शानदार कमाई कर सबको चौंका दिया था, लेकिन हिंदी रीमेक रिलीज हुआ तो सिनेमाघरों से भाग खड़े हुए लोग. यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहा है कि जिस कहानी ने मलयालम में Gen Z दर्शकों का दिल जीता, वही कहानी हिंदी में दर्शकों को क्यों नहीं भा सकी.
9 करोड़ की फिल्म ने मचाया था तहलका
निर्देशक गिरीश ए.डी. की 'प्रेमालु' 2024 में रिलीज हुई थी. फिल्म की कहानी आज के युवा, उनके रिश्तों, करियर और प्यार की उलझनों को बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करती है. करीब 9 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 136 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका बड़ा स्टारडम नहीं बल्कि इसकी सिंपल कहानी, नेचुरल एक्टिंग और Gen Z वाला ह्यूमर था. यही कारण रहा कि कम बजट की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सरप्राइज हिट बन गई.
स्टारकास्ट और Gen Z से कनेक्शन
ओरिजिनल फिल्म में नस्लेन के. गफूर ने सचिन संतोष का किरदार निभाया. सचिन ऐसा युवा है जो विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना देखता है. लेकिन उसकी जिंदगी में करियर से ज्यादा दिलचस्प मोड़ तब आता है, जब उसकी मुलाकात रीनू से होती है. नस्लेन की कॉमिक टाइमिंग और आम युवा जैसी बॉडी लैंग्वेज फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में रही. सचिन कोई परफेक्ट हीरो नहीं है, बल्कि गलतियां करने वाला, कन्फ्यूज और प्यार में पड़ने वाला आम लड़का है.
ममिता बैजू ने रीनू का किरदार निभाया. रीनू आत्मविश्वासी और आधुनिक सोच वाली लड़की है, जो अपने करियर को लेकर गंभीर है. सचिन और रीनू की मुलाकात के बाद दोनों के बीच बनने वाला रिश्ता फिल्म की कहानी का सेंटर पॉइंट है. ममिता और नस्लेन की केमिस्ट्री ने फिल्म को खास बनाया.
‘प्रेमालु' की कामयाबी में इसके म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर का भी बड़ा योगदान रहा. निर्देशक गिरीश ए.डी. ने कहानी को जरूरत से ज्यादा भारी बनाने के बजाय रोजमर्रा की बातचीत, दोस्ती और रिश्तों के जरिए आगे बढ़ाया. प्रेमालु को हिंदी में जियोहॉटस्टार पर देखा जा सकता है.
हिंदी रीमेक क्यों नहीं चला?
प्रेमालु एक फिल्म थी जिसे ऑडियंस को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था. लेकिन हिंदी में इसकी पैकेजिंग कर दी गई और इसे बॉलीवुड के रंग में रंग दिया गया. वीर पहाड़िया, आफिया सईद, अपारशक्ति खुराना, निखिल विजय और राकेश बेदी नजर आए लेकिन फिल्म थिएटर्स में दम तोड़ गई थी. फिल्म का निर्देशन अपूर्व सिंह कड़की ने किया.
2 अक्तूबर को रिलीज हुई फिल्म दर्शकों के साथ कनेक्ट नहीं बना पाई और दर्शकों के लिए तरसती रह गई. वैसे भी इस दिन अजय देवगन की दृश्यम द कन्क्लूजन रिलीज हुई थी. अब कुल मिलाकर एक शानदार फिल्म का एवरेज रीमके बनाकर, बॉलीवुड ने फिर से निराश किया और नतीजा आपके सामने है.
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