बॉलीवुड की आइकोनिक सिंगर आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें और उनके गाए गाने हमेशा हमारे बीच रहेंगे. आशा, जितना खूबसूरत गाती थीं, उतनी ही खूबसूरत उनकी पर्सनालिटी भी थी. अपने परिवार से वह बेहद प्यार करती थीं. एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे भी आशा भोसले के परिवार से जुड़ी हैं. इन दोनों ने फिल्म 'माई' (2013) में साथ काम किया था, जो 79 साल की उम्र में भोसले की एक्टिंग में पहली फिल्म थी. ये दोनों पद्मिनी के पिता, दिवंगत पंढरीनाथ कोल्हापुरे के जरिए जुड़ी हुई हैं. पंढरीनाथ, आशा भोसले और उनकी बहन, दिवंगत सिंगर लता मंगेशकर के चचेरे भाई थे.
आशा भोसले ने ही दिलाई पहली फिल्म
पद्मिनी ने एक इंटरव्यू में खुद बताया, "उन्होंने ही मुझे (दिवंगत एक्टर) देव आनंद से मिलवाया था, जिसकी वजह से मुझे अपनी पहली फिल्म 'इश्क इश्क इश्क' (1974) मिली. मैं उन्हें आशा आत्या [मराठी में पिता की बहन] कहकर बुलाती थी. बचपन की बात याद है, वह हर दिवाली पर तोहफों से भरा एक बैग लेकर हमारे घर आती थीं."
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जब जिद पर अड़ीं आशा
'माई' फिल्म में काम करने के भोसले के फैसले के बारे में बात करते हुए, पद्मिनी बताती हैं, 'मुझे याद है उन्होंने कहा था, 'मैं यह फिल्म तभी करूंगी जब इसमें पद्मिनी होगी.' वह आशा जी के गाए कुछ ऐसे गाने भी गिनाती हैं जो उन पर फिल्माए गए थे और उन्हें बहुत पसंद हैं. वह कहती हैं, "कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता (आहिस्ता आहिस्ता, 1981), पूछो न यार क्या हुआ (जमाने को दिखाना है, 1981), अनाड़ी का खेलना (वो 7 दिन, 1983), और भी बहुत सारे."
जब दी पद्मिनी और पूनम को अपनी साड़ी
पद्मिनी कुछ और भी प्यारी यादें ताजा करते हुए बताती हैं, 'उनके पिछले जन्मदिन पर, उन्होंने पूनम (पूनम ढिल्लों, एक्ट्रेस-पॉलिटिशियन) और मुझे अपने पर्सनल कलेक्शन से साड़ियां तोहफे में दी थीं'
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