बॉलीवुड में मां पर कई गाने बने हैं और ये गाने बेहद शानदार हैं. लेकिन कुछ गीत ऐसे हैं जो सीधे दिल में उतर जाते हैं. 2003 में आई फिल्म 'पिंजर' का गाना 'चरखा चलाती मां (Charkha Chalati Maa Song)' भी ऐसा ही फिल्मी गीत है. मां के प्यार, बेटी की विदाई और परिवार से बिछड़ने के दर्द को समेटे इस गाने को सुनकर आंखें नम हो जाती हैं. यही नहीं, इस गाने को सुनकर मन करेगा कि मां को तुरंत जादू की झप्पी दे दें. पंजाबी की मशहूर लेखिका अमृता प्रीतम (Amrita Pritam) के लिखे बोल, प्रीति उत्तम सिंह की आवाज और उत्तम सिंह का संगीत इसे आज भी खास बनाते हैं.
मां-बेटी के रिश्ते का दर्द बयां करता है 'चरखा चलाती मां'
पिंजर फिल्म के इस गाने की सबसे बड़ी खूबी इसके बोल हैं. अमृता प्रीतम ने मां के हाथों में घूमते चरखे और धागे के जरिए उन सपनों को पिरोया है, जिन्हें एक मां अपनी बेटी के लिए बुनती है. लेकिन बेटी के जीवन में विदाई की घड़ी आती है, तो वही सपने दर्द में बदल जाते हैं. गीत में बेटों को घर और बेटियों को पराया देश मिलने की बात उठती है. यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि उस सामाजिक सोच पर भी सवाल है जिसमें बेटी को शादी के बाद अपना घर छोड़ना पड़ता है. प्रीति उत्तम सिंह की आवाज में गीत का दर्द और भी मारक हो जाता है.
'पिंजर' में नजर आए थे उर्मिला-मनोज
'चरखा चलाती मां' साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म पिंजर का गाना है. फिल्म के डायरेक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी थे. यह फिल्म भारत के विभाजन और उस दौर में महिलाओं ने जिस हिंसा, विस्थापन और सामाजिक दबाव का सामना किया, उसकी कहानी कहती है. पिंजर में उर्मिला मातोंडकर ने पूरो और मनोज बाजपेयी ने राशिद का किरदार निभाया था. इनके अलावा संजय सूरी, प्रियांशु चटर्जी, संदली सिन्हा, ईशा कोप्पिकर, लिलेट दुबे, फरीदा जलाल और कुलभूषण खरबंदा भी फिल्म में अहम किरदारों में थे. फिल्म की कहानी अमृता प्रीतम के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थी.
इस गाने के बोल पर नजर डालें...
चरखा चलाती मां, धागा बनाती मां,
बुनती है सपनों की खेस री.
समझ न पाऊं मैं, किसको बताऊं मैं
मैया छुडाती क्यूँ देस री.
बेटों को देती है महल-अटरिया
बेटी को देती परदेस री.
जग में जनम क्यों लेती है बेटी
आये क्यूं विदाई वाली रात री.
जानें बॉक्स ऑफिस पर क्या हुआ था हश्र?
'पिंजर' वो फिल्म थी जिसकी कहानी और एक्टिंग की जमकर तारीफ की गई. लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा करिश्मा करने में कामयाब नहीं हो सकी. फिल्म का बजट करीब 12 करोड़ रुपये था. इसका भारत में नेट कलेक्शन 3.43 करोड़ रुपये और भारत में ग्रॉस कलेक्शन 5.24 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. विदेशों में फिल्म ने करीब 90.5 लाख रुपये कमाए, जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन लगभग 6.15 करोड़ रुपये रहा.
उत्तम सिंह का संगीत आज भी है खास
संगीतकार उत्तम सिंह के म्यूजिक की एक खास बात उसकी सादगी रही है. उनके गानों में बहुत हैवी म्यूजिक नहीं होता बल्कि बहुत ही हल्का-फुल्का होता है. 'चरखा चलाती मां' में भव्य संगीत या तेज धुनों के बजाय शब्दों और आवाज को महत्व दिया गया है. यही इस गीत की असली ताकत है. इस गाने को उत्तम सिंह की बेटी और गायिका प्रीति उत्तम ने गाया है. इस गाने को गाते हुए वह कई बार रो भी पड़ीं. इस गाने को सुनकर किसी कई भी आंखें नम होना बहुत ही स्वाभावि है.
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