1993 में बॉलीवुड में एक ऐसी फिल्म आई, जिसने हीरो की परिभाषा ही बदल दी. फिल्म में मुख्य किरदार कोई सीधा-सादा नायक नहीं था, बल्कि बदले की आग में जल रहा ऐसा युवक था, जो अपने मकसद के लिए दो बहनों की जिंदगी बर्बाद करने से भी पीछे नहीं हटता. यह फिल्म थी शाहरुख खान की ‘बाजीगर'. अब्बास-मस्तान की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तो तहलका मचाया ही, इसका म्यूजिक भी उस दौर में जबरदस्त हिट रहा. करीब 58 मिनट के इस एल्बम में 8 गाने थे और इन गानों को अलग-अलग सिंगर्स ने अपनी आवाज दी थी. खास बात यह रही कि एल्बम का लगभग हर गाना लोगों की जुबान पर चढ़ गया.
1993 का सबसे ज्यादा बिकने वाला म्यूजिक एल्बम
‘बाजीगर' का संगीत अनु मलिक ने तैयार किया था. फिल्म के म्यूजिक ने रिलीज के साथ ही धूम मचा दी थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके एल्बम की करीब 1 करोड़ यूनिट्स बिकी थीं और यह 1993 का सबसे ज्यादा बिकने वाला बॉलीवुड साउंडट्रैक बन गया था. इस सफलता ने अनु मलिक के करियर को भी एक नई ऊंचाई दी. फिल्म के संगीत के लिए उन्हें अपना पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड बतौर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर मिला था.
8 गाने और हर गाना यादगार
‘बाजीगर' के एल्बम में एक से बढ़कर एक गाने शामिल थे. ‘बाजीगर ओ बाजीगर' ने जहां फिल्म की कहानी और शाहरुख के किरदार के दर्द को आवाज दी, वहीं ‘ये काली काली आंखें' आज भी 90s के सबसे लोकप्रिय पार्टी और डांस नंबरों में गिना जाता है. ‘ऐ मेरे हमसफर' और ‘छुपाना भी नहीं आता' जैसे गानों ने भी लोगों के दिल में जगह बनाई. इन गानों की खासियत यह थी कि एल्बम में रोमांस, दर्द, मस्ती और जुदाई- हर तरह का रंग सुनने को मिला.
शाहरुख से पहले कई एक्टर्स ने ठुकराया था रोल
आज ‘बाजीगर' को शाहरुख खान के करियर की अहम फिल्मों में गिना जाता है, लेकिन शुरुआत में इस रोल के लिए कई दूसरे कलाकारों के नाम पर विचार किया गया था. फिल्म का मुख्य किरदार नेगेटिव और बदले की भावना से भरा हुआ था, इसलिए कई कलाकार इस भूमिका को लेकर सहज नहीं थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्षय कुमार को भी यह रोल ऑफर किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. सलमान खान और अनिल कपूर को भी इस रोल के लोए अप्रोच किया गया था.
शाहरुख खान ने हालांकि इस किरदार में काफी दिलचस्पी दिखाई और फिल्म के निर्माताओं रतन जैन और गणेश जैन को अपनी भूमिका के लिए राजी किया. उस समय शाहरुख इंडस्ट्री में नए थे और उनके लिए इतना नेगेटिव किरदार करना बड़ा जोखिम माना जा रहा था, लेकिन यही भूमिका आगे चलकर उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई.
श्रीदेवी को ऑफर हुआ था दोनों बहनों का रोल
फिल्म की कास्टिंग को लेकर एक और दिलचस्प बात सामने आती है. शुरुआत में श्रीदेवी को दोनों जुड़वां बहनों का डबल रोल देने पर विचार किया गया था. बाद में मेकर्स को लगा कि श्रीदेवी की जबरदस्त लोकप्रियता के कारण दर्शकों का ध्यान कहानी से अलग दिशा में जा सकता है, खासकर अगर उनके निभाए किरदारों में से एक की मौत हो जाती. इसके बाद दोनों बहनों के किरदारों के लिए अलग-अलग अभिनेत्रियों को चुना गया.
सीमा के रोल के लिए पहले माधुरी दीक्षित से संपर्क किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. इसके बाद जूही चावला को भी यह भूमिका ऑफर हुई, मगर उन्होंने इसे छोटा किरदार मानते हुए मना कर दिया. वहीं, प्रिया के रोल के लिए आयशा जुल्का का नाम सामने आया था, लेकिन उन्होंने भी फिल्म का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया.
शाहरुख के करियर में बनी टर्निंग पॉइंट
आखिरकार ‘बाजीगर' में शाहरुख खान, काजोल और शिल्पा शेट्टी की तिकड़ी नजर आई. फिल्म की कहानी, रोमांस, बदले की कहानी और अनु मलिक के संगीत ने इसे 90s की यादगार फिल्मों में शामिल कर दिया. खास तौर पर शाहरुख का एंटी-हीरो अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. ‘बाजीगर ओ बाजीगर' से लेकर ‘ये काली काली आंखें' तक, फिल्म के गानों ने इसकी कहानी को और मजबूत किया और इसका म्यूजिक एल्बम भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में शामिल रहा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं