बिहार को बड़ी सौगात! 10 हजार 379 करोड़ रुपये की मदद से बुलेट ट्रेन परियोजना से जोड़ने की है तैयारी

छत्रसाल सिंह ने जानकारी दी कि पिछले 11 वर्षों में बिहार में लगभग 2000 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं. इससे राज्य के कई दूरस्थ इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ा गया है. नई लाइनों से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग को भी लाभ मिला है.

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बिहार को बुलेट ट्रेन परियोजना से जोड़ने की तैयारी
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  • केंद्र सरकार ने रेल बजट 2026 में बिहार के लिए दस हजार तीन सौ उनहत्तर करोड़ रुपये का प्रावधान किया है
  • पिछले 11 वर्षों में बिहार में लगभग 2000 KM नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं जिससे दूरस्थ इलाके जुड़ पाए हैं
  • रेल बजट से बिहार में स्टेशन पुनर्विकास, नई रेल लाइनें और आधुनिक तकनीक से जुड़ी परियोजनाएं तेजी से पूरी होंगी
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पटना:

रेल बजट 2026 में बिहार के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है. केंद्र सरकार ने इस बार बिहार को रेलवे विकास के लिए 10 हजार 379 करोड़ रुपये की राशि दी है. इसके साथ ही राज्य को हाई स्पीड रेल और बुलेट ट्रेन परियोजना से जोड़ने की घोषणा भी की गई है. इसे बिहार के लिए रेल क्षेत्र में अब तक की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है. रेल बजट को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस ब्रीफिंग के बाद पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने हाजीपुर स्थित जोनल कार्यालय में पत्रकारों को जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में बिहार का रेल बजट लगातार बढ़ा है और अब यह पहले की तुलना में करीब नौ गुना हो चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार बिहार में रेलवे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है. महाप्रबंधक ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के रेल बजट में बिहार के लिए कुल 10 हजार 379 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस राशि से नई रेल लाइनों का निर्माण, स्टेशन विकास, रेल पटरियों का दोहरीकरण, विद्युतीकरण और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे बिहार के लोगों को सुरक्षित और तेज रेल सेवा मिलेगी.

छत्रसाल सिंह ने जानकारी दी कि पिछले 11 वर्षों में बिहार में लगभग 2000 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं. इससे राज्य के कई दूरस्थ इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ा गया है. नई लाइनों से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग को भी लाभ मिला है. रेलवे की कोशिश है कि बिहार के हर हिस्से को बेहतर रेल सुविधा से जोड़ा जाए. उन्होंने बताया कि सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए देश के बड़े शहरों के बीच सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है. इन कॉरिडोरों को ग्रोथ कनेक्टर कहा गया है. इनमें दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक का मार्ग शामिल है, जिससे बिहार को सीधा फायदा मिलेगा.

महाप्रबंधक के अनुसार, वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. इस रूट पर वाराणसी से सिलीगुड़ी की दूरी लगभग 2 घंटे 55 मिनट में पूरी की जा सकेगी. इससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और बिना रुकावट यात्रा की सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार के रेल विकास को नई गति मिली है. बढ़े हुए बजट से राज्य में रेल ढांचा और मजबूत होगा व यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बजट से बिहार में स्टेशन पुनर्विकास, नई रेल लाइनें और आधुनिक तकनीक से जुड़ी परियोजनाएं तेजी से पूरी की जाएंगी. इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. कुल मिलाकर, रेल बजट 2026 बिहार के लिए एक मजबूत और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने वाला बजट माना जा रहा है, जिससे राज्य को रेल क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.

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