Bihar News: 6 साल बाद घर लौटा दिल्ली दंगों का आरोपी शरजील इमाम, बीमार मां को देखते ही छलके आंसू!

दिल्ली दंगा साजिश मामले में 6 साल से जेल में बंद शरजील इमाम अपने गांव जहानाबाद (काको) पहुंचा. भाई की शादी और बीमार मां की देखभाल के लिए कोर्ट ने 10 दिनों की पेरोल दी है. ईद के मौके पर अपनों के गले मिले शरजील के घर में खुशियां दोगुनी हो गईं, लेकिन कोर्ट ने शर्तें भी रखी हैं. जानिए क्या हैं वो पाबंदियां...'

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
दिल्ली दंगों का आरोपी 6 साल बाद अपने गांव काको पहुंचा, अपनों के गले लगकर दी ईद की बधाई.
NDTV Reporter

Bihar News: दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी और पिछले 6 सालों से तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे बंद शरजील इमाम 21 मार्च को बिहार के जहानाबाद जिले में स्थित अपने पैतृक गांव काको पहुंचा. करीब 2100 से अधिक दिनों के लंबे इंतजार के बाद जब शरजील घर लौटा, तो परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा. मौका ईद का था, तो खुशियां भी दोगुनी हो गईं.

2 कारणों की वजह से कोर्ट ने राहत

दिल्ली की एक अदालत ने मानवीय आधार पर शरजील इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च तक की अंतरिम जमानत (पेरोल) दी है. शरजील के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि उनके भाई मुजम्मिल इमाम का निकाह 25 मार्च को लखनऊ में है और 28 मार्च को रिसेप्शन है. उनकी मां काफी समय से बीमार चल रही हैं. अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए शरजील को अपने परिवार के साथ वक्त बिताने की अनुमति दी.

Photo Credit: NDTV Reporter

भाई को गले लगकर दी ईद की मुबारकबाद

जेल से बाहर आने के बाद शरजील ने सबसे पहले अपने परिजनों और शुभचिंतकों से मुलाकात की. ईद के पावन मौके पर ग्रामीणों से गले मिलकर उन्होंने मुबारकबाद दी. शरजील के भाई मुजम्मिल इमाम ने भावुक होते हुए कहा, '6 साल के लंबे अंतराल के बाद यह पहला मौका है जब भाई तिहाड़ से बाहर हैं. पहले पेरोल का कोई ठोस आधार नहीं था, लेकिन इस बार कोर्ट ने हमारी स्थिति को समझा. हमारे घर, रिश्तेदारों और पूरे गांव में खुशी का माहौल है. हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि देर से ही सही, इंसाफ जरूर मिलेगा.'

Photo Credit: NDTV Reporter

सोशल मीडिया यूज पर पूरी तरह पाबंदी

भले ही शरजील को 10 दिनों की राहत मिली है, लेकिन कोर्ट ने इस दौरान सख्त नियम लागू किए हैं. जेल के बाहर रहते हुए शरजील किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर सकेगा. इस दौरान वह केवल परिवार और बेहद करीबी रिश्तेदारों से ही मिल सकता है. पेरोल के दौरान उन्हें निर्धारित स्थान के भीतर ही रहना होगा और किसी भी राजनीतिक गतिविधि से दूर रहना होगा.

Advertisement

Photo Credit: NDTV Reporter

क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि साल 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के बाद शरजील इमाम को मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक के रूप में गिरफ्तार किया गया था. इन दंगों में 54 लोगों की जान गई थी. तब से शरजील तिहाड़ जेल में बंद है. इस साल 5 जनवरी को उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज हो गई थी, जिसके बाद यह अंतरिम जमानत उनके लिए बड़ी पारिवारिक राहत लेकर आई है.

Featured Video Of The Day
Mathura Controversy: मथुरा गोरक्षक हत्या मामले में Yogi का बड़ा एक्शन! | UP Latest News | UP Police