आपने मुन्ना भाई MBBS फिल्म तो देखी ही होगी, जिसमें बिना मेडिकल डिग्री के इलाज होता दिखाया गया था. फिल्म में यह सब देखकर हंसी आती थी, लेकिन बिहार के बगहा से सामने आई तस्वीर चौंकाने वाली है. यहां अस्पताल की सुरक्षा करने वाला सिक्योरिटी गार्ड मरीजों के जख्मों पर टांके लगाता नजर आ रहा है. यह देखकर ऐसा लगता है कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद ही वेंटिलेटर पर है और उसे संभालने वाला कोई नहीं है. ऑपरेशन थिएटर के अंदर का यह वायरल वीडियो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है.
ओटी में गार्ड साहब ने लगाए टांके
सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो और तस्वीर ने अस्पताल प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है. बगहा अनुमंडलीय अस्पताल के माइनर ओटी के अंदर एक सिक्योरिटी गार्ड बड़े आराम से घायल मरीज को टांके लगा रहा है. नियम तो यह कहते हैं कि यहां सिर्फ ट्रेंड डॉक्टर या नर्स ही जा सकते हैं, लेकिन यहां तो गार्ड ही 'सर्जन' की भूमिका में नजर आया. यह लापरवाही किसी की जान पर भी भारी पड़ सकती थी.
सड़क हादसे के बाद अस्पताल पहुंचा था घायल
जानकारी के मुताबिक शास्त्रीनगर स्थित रूबी गैस एजेंसी के पास टेंपो और पिकअप वैन के बीच जोरदार टक्कर हुई. टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया. इस हादसे में चालक समेत कई लोग घायल हो गए. हादसे के बाद टेंपो चालक मौके से फरार हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान यह चौंकाने वाला मामला सामने आया
अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सफाई देते हुए बताया कि अस्पताल में ओटी असिस्टेंट और ड्रेसर के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं. अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण जीएनएम के माध्यम से ही लंबे समय से काम चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि घटना के समय एक साथ करीब आधा दर्जन गंभीर मरीज अस्पताल पहुंच गए थे, जिससे अस्पताल कर्मी अलग-अलग मरीजों के इलाज में व्यस्त थे. इसी दौरान घायल मरीज की गंभीर हालत और अधिक खून बहने को देखते हुए डॉक्टर की निगरानी में गार्ड से मदद ली गई.
घायलों का दावा गार्ड ने लगाए टांके
घायल पिकअप चालक वसीम अख्तर और सुरेंद्र पासी ने बताया कि अस्पताल में उनके जख्मों पर सिक्योरिटी गार्ड ने टांके लगाए. उस समय डॉक्टर मौजूद थे, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण गार्ड ही इलाज करता नजर आया.घायलों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि बिना प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा इलाज करना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है
सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी खामियों को उजागर कर दिया है. ऑपरेशन थिएटर में गार्ड द्वारा इलाज किए जाने के बाद मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है. स्टाफ की कमी के कारण इस तरह की स्थिति सामने आना स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. इस पूरे मामले ने बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को सामने ला दिया है.
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