बिहार में प्रभारी मंत्री का भाषण डीएम ने बीच में ही क्यों रुकवाया? सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान अरवल के गांधी मैदान में बड़ा प्रोटोकॉल फेल देखने को मिला, जब प्रभारी मंत्री दीपक प्रकाश का भाषण डीएम ने बीच में रुकवा दिया. सलामी और परेड प्रक्रिया में हुई गंभीर चूक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

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गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रोटोकॉल में चूक
बिहार:

गणतंत्र दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में झंडोत्तोलन के बाद प्रभारी मंत्री दीपक प्रकाश अपना संबोधन शुरू कर चुके थे, तभी डीएम ने बीच में ही भाषण रुकवा दिया. दरअसल, झंडोत्तोलन के बाद होने वाली पारंपरिक सलामी का अनाउंसमेंट नहीं हुआ था. स्थिति की जानकारी मिलते ही डीएम ने कार्यक्रम में हस्तक्षेप करते हुए पहले सलामी की प्रक्रिया पूरी करवाई. इसके बाद मंत्री को दोबारा मंच पर बुलाया गया, जहां उन्होंने जिले की उपलब्धियों और विकास कार्यों पर अपना संबोधन दिया. कार्यक्रम के दौरान हुई चूक का वीडियो सोशल मीडिया में दौड़ रही है और जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है.

मंच पर अनेकों गड़बड़ियां देखी गईं

हालांकि, एक नहीं बल्कि  गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंच पर अनेकों गड़बड़ियां देखी गई जिसमें मंत्री को बार-बार किसी काम के लिए अधिकारियों द्वारा बताया जाना साथ ही बिना परेड निरीक्षण के ही झंडा फहराने के लिए मंच पर मौजूद मंत्री, विधायक, डीएम, एसपी को एनाउंसर ने झंडा के समक्ष बुलाना, लेकिन सार्जेंट ने पहले परेड के निरीक्षण के लिए कहा तब जाकर परेड निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद झंडा फहराया गया.

डीएम ने खुद भाषण बीच में ही रुकवा दिया

झंडा फहराकर जैसे ही मंत्री अपने स्थान पर बैठे तभी एनाउंसर ने उन्हें राष्ट्र के नाम संबोधन के लिए बुला लिया, लेकिन जैसे ही सलामी की प्रक्रिया मंच तक पहुंची और अधिकारियों को उन पर नजर पड़ी तो डीएम ने खुद चलकर प्रभारी मंत्री दीपक प्रकाश का भाषण बीच में ही रुकवा दिया और सलामी लेने की बात कही फिर प्लाटून टुकड़ियों द्वारा मंच की सलामी दी गई. उसके बाद पुनः दूसरी बार मंत्री को जिले के विकास के उपलब्धियां गिनाने का मौका दिया गया.

आखिर इतनी बड़ी भूल कैसे हुई?

इस मामले में अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार द्वारा बताया गया की जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को तलब किया है जानकारी मांगी गई है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यह है जब गणतंत्र दिवस के पूर्वी कई दिनों तक रिहर्सल करा लिए गए थे. आखिर राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर इतनी बड़ी भूल कैसे हुई किनकी लापरवाही से हुई क्यों हुई, इससे पहले भी कुर्था के नवनिर्वाचित विधायक पप्पू वर्मा के द्वारा जिला प्रशासन के प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े किए थे जब प्रभारी मंत्री खुद पहली बार अरवल में कुछ दिन पूर्व जन प्रतिनिधि संवाद कार्यक्रम में आए थे.

इनपुट: विश्वनाथ प्रताप यादव