53 साल के पूर्व विधायक ने अपने से आधी उम्र की पत्नी को चुनावी मैदान में क्यों उतारा?

कानूनी शिकंजे में फंसे पूर्व विधायक रामबालक सिंह (जेडीयू) के चुनाव लड़ने से वंचित होने के बाद, उनकी 27 वर्षीय पत्नी रवीना कुशवाहा ने चुनावी मैदान में उतरकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. अविनाश कुमार की रिपोर्ट

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  • विभूतिपुर सीट पर पूर्व विधायक रामबालक सिंह के कानूनी संकट के बाद उनकी पत्नी रवीना कुशवाहा चुनाव लड़ रही हैं
  • रामबालक सिंह पर डबल मर्डर और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, इन वजह से वह चुनाव लड़ नहीं सकते
  • जेडीयू ने रवीना कुशवाहा को टिकट देकर पार्टी ने रामबालक सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है
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विभूतिपुर:

समस्तीपुर जिले की चर्चित विभूतिपुर विधानसभा सीट, जिसे 'मिनी मास्को' के नाम से जाना जाता है, पर इस बार का चुनावी रण किसी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है. कानूनी शिकंजे में फंसे पूर्व विधायक रामबालक सिंह (जेडीयू) के चुनाव लड़ने से वंचित होने के बाद, उनकी 27 वर्षीय पत्नी रवीना कुशवाहा ने चुनावी मैदान में उतरकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. जेडीयू ने उन्हें टिकट देकर उन पुरानी अटकलों पर मुहर लगा दी है, जो पिछले साल 53 वर्षीय रामबालक सिंह के अपनी उम्र से 26 साल छोटी रवीना से दूसरी शादी करने के बाद शुरू हुई थीं.

कानूनी संकट में रामबालक, पत्नी बनीं 'राजनीतिक ढाल'

कभी सीपीआई के प्रभुत्व वाली यह सीट 2010 से 2020 तक रामबालक सिंह के पास थी, लेकिन 2020 में उन्हें सीपीएम के अजय कुमार से हार का सामना करना पड़ा. वर्तमान में अजय कुमार ही यहां से विधायक हैं. 

रामबालक सिंह के सियासी करियर पर साल 2022 में उस वक्त ग्रहण लगा, जब वह एक डबल मर्डर कांड में आरोपी बने और उनकी गिरफ्तारी हुई. इसके अलावा, वर्ष 2000 में भाकपा माले नेता ललन सिंह पर हमले के मामले में कोर्ट ने उन्हें 21 वर्षों बाद 2021 में आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा सुनाई थी. वह वर्तमान में एक अन्य हत्या के मामले में बेल पर बाहर हैं.

इन कानूनी अड़चनों के कारण चुनाव लड़ने से वंचित होने की स्थिति में, रामबालक सिंह ने राजनीति से हटने के बजाय अपनी पत्नी रवीना कुशवाहा को चुनावी बिसात पर उतारने का 'मास्टरस्ट्रोक' चला है. 

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2024 की शादी: भावनात्मक फैसला या 'राजनीतिक बिसात'?

रामबालक सिंह की पहली पत्नी आशा रानी (जो स्वयं भी मुखिया थीं) की कैंसर से मृत्यु के लगभग डेढ़ साल बाद, 2024 में उन्होंने रवीना कुशवाहा से दूसरी शादी की थी. उम्र के इस 26 साल के बड़े अंतर वाली शादी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं. उस वक्त कई राजनीतिक पंडितों ने इसे भावनात्मक फैसला कम और 'राजनीतिक बिसात' का पहला कदम ज्यादा माना था. जेडीयू द्वारा रवीना को टिकट दिए जाने के बाद अब यह साफ हो गया है कि ये अटकलें निराधार नहीं थीं.

मिली जानकारी के अनुसार, रवीना कुशवाहा की भी रामबालक सिंह से यह तीसरी शादी है, इससे पहले उनकी दो शादियां अन्य जगहों पर हो चुकी हैं, जिन्हें वह छोड़ चुकी हैं. 

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रवीना कुशवाहा: 'साफ-सुथरा' प्रोफाइल और बड़ी चुनौती

नामांकन पत्र के अनुसार, 27 वर्षीय रवीना कुशवाहा पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. उनके पास 2 लाख नकद, 100 ग्राम सोना और 1 किलो चांदी है. उनके नाम कोई वाहन या जमीन-जायदाद नहीं है, जो उनके 'सादा जीवन' के प्रोफाइल को दर्शाता है.

वहीं, रामबालक सिंह के पास भी 2 लाख नकद, 10 ग्राम सोना और 10 लाख की कार है. पूर्व विधायक पर लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए, रवीना का चुनावी मैदान में उतरना एक बड़ी चुनौती है. मुकाबला अब पति की राजनीतिक विरासत और पत्नी के 'साफ-सुथरे' प्रोफाइल के बीच होगा. 

पूर्व पति के साथ रविना

'विरासत की राजनीति' बनाम 'साजिश की राजनीति'

मिनी मास्को की जनता के सामने अब यह सवाल है कि क्या वे इसे एक 'विरासत की राजनीति' मानेंगे, जहां एक अनुभवी नेता अपनी कानूनी बाधाओं के कारण अपनी पत्नी को आगे कर रहा है, या इसे 'साजिश की राजनीति' के रूप में देखेंगे. 

रामबालक सिंह की पहली पत्नी आशा रानी (इनकी कैंसर से मृत्यु हो गई)

विभूतिपुर का यह अप्रत्याशित सियासी मोड़, जहां एक तरफ सीपीआई के मौजूदा विधायक अजय कुमार का वर्चस्व है, वहीं दूसरी तरफ रामबालक सिंह की राजनीतिक विरासत को बचाने के लिए उनकी नई जीवनसंगिनी मैदान में हैं, इस बार के चुनाव को बेहद दिलचस्प बना रहा है.

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