कांग्रेस में परिवारवाद का विरोध! जानिए क्यों राहुल गांधी ने दिग्गज नेता के बेटे को टिकट देने से मना कर दिया

बिहार विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस सीईसी की बैठक में राहुल गांधी ने परिवारवाद का विरोध किया और बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेता के बेटे को टिकट देने से इनकार कर दिया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • राहुल गांधी ने बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा के बेटे को टिकट देने से इंकार कर दिया है
  • सीईसी की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि आप जनता के बीच सक्रिय नहीं दिखे हैं
  • कांग्रेस पार्टी अब परिवारवाद की बजाय लगातार सक्रिय और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

कांग्रेस में लंबे समय से जारी ‘परिवारवाद' की बहस पर अब राहुल गांधी एक्शन में दिख रहे हैं. जानकारी के अनुसार बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा के बेटे को टिकट देने से राहुल गांधी ने इंकार कर दिया है. यह फैसला कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में लिया गया, जहां राहुल गांधी ने साफ कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति बहुत कम रही है.

मदन मोहन झा की मांग को राहुल गांधी ने ठुकराया

दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीईसी की बैठक में जब दरभंगा जिले की बेनीपुर सीट पर चर्चा हुई, तो मदन मोहन झा ने अपने बेटे के लिए टिकट की दावेदारी रखी. वे खुद बिहार विधान परिषद में कांग्रेस के नेता भी हैं और पार्टी में लंबे समय से संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं. लेकिन इस बार राहुल गांधी ने उनके प्रस्ताव को सीधे खारिज कर दिया.

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सीईसी की बैठक में कहा कि ‘वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान झा पिता-पुत्र दोनों अपने क्षेत्र में कहीं सक्रिय नहीं दिखे. राहुल के इस रुख को पार्टी में परिवारवाद के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

लगातार सक्रिय कार्यकर्ताओं को टिकट देना चाहते हैं राहुल 

बैठक में मौजूद नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि पार्टी उन चेहरों को प्राथमिकता देगी जो जनता के बीच लगातार सक्रिय हैं, न कि सिर्फ राजनीतिक विरासत के दम पर टिकट चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर ऐसे उम्मीदवारों की जरूरत है जो “पार्टी के नए नैरेटिव  सेवा, संघर्ष और सामाजिक न्याय” के साथ चलते हों.

Advertisement

मदन मोहन झा ने क्या कहा?

मदन मोहन झा की तरफ से अब तक इस मुद्दे पर कोई बयान सामने नहीं आया है. बेनीपुर सीट पर अब कांग्रेस नए उम्मीदवार की तलाश में है. स्थानीय नेताओं का कहना है कि पार्टी इस बार युवा और जमीनी कार्यकर्ता को मौका दे सकती है ताकि क्षेत्र में नई ऊर्जा पैदा हो. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला राहुल गांधी के “भारत जोड़ो” और “वोटर अधिकार यात्रा” के एजेंडे से मेल खाता है.  जहां उन्होंने  बार-बार जनता से सीधे जुड़ने और ‘पार्टी में आम कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने' की बात कही थी. 

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Iran Israel War: ईरान की गोलीबारी, भारत का गुस्सा भारी! |Bharat Ki Baat Batata Hoon
Topics mentioned in this article