बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनका 21 साल पुराना बंगाल खाली करने का नोटिस दिया है .राबड़ी देवी को 10 नंबर सरकारी बंगला अब ख़ाली करना होगा, इसके जगह उन्हें 39 हार्डिंग रोड स्थित बंगला दिया गया हैं. जबकि 10 नंबर बंगला अब सरकार ने बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम को अवंतित किया हैं. इसको लेकर बिहार में सियासी बयानबाज़ी तेज है. एक तरफ़ राबड़ी देवी ने कहा कि सरकार पुलिस भेज कर इस बंगले को खाली करवाए, लेकिनमैं यह बंगला खाली नहीं करूंगी.
इसके कुछ घंटों के बाद पटना सचिवालय थाना की पुलिस राबड़ी आवास पहुंची है. उसके बाद जिला प्रशासन के तरफ से राबड़ी देवी से आग्रह किया गया हैं कि 15 दिन में इस बंगले को खाली कर दें.
राबड़ी देवी क्यों नहीं जाना चाहती हैं नए बंगले 39 हार्डिग रोड?
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को बतौर नेता प्रतिपक्ष जो बंगला आवंटित किया गया है. वह है 39 हार्डिंग रोड. वह बांग्ला शुरू से अनलकी माना जाता है और यह एक वजह है जिस कारण से राबड़ी देवी इस बंगले में जाना नहीं चाहती है.
इस बंगले में कौन कौन रह चुके हैं?
- पूर्व मंत्री भूपेंद्र प्रसाद वर्मा- आरजेडी
- पूर्व मंत्री मदन मोहन झा- कांग्रेस
- पूर्व मंत्री शमीम अहमद -आरजेडी
- पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चंद्र मोहन राय- बीजेपी
- पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा -बीजेपी
- पूर्व मंत्री रामसूरत राय -बीजेपी
ऊपर आप जितने नेताओं के नाम पढ़ रहे हैं यह सारे वैसे नेता है जो इस 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास में पहले रह चुके हैं और उसके बाद इन नेताओं का राजनीतिक करियर ढलान के तरफ चला गया .बंगले में जाने के बाद यह नेता दोबारा कभी मंत्री भी नहीं बन पाए.
इस बंगले के अंदर एक मजार भी है जो की बेहद ही पुराना है दूसरी तरफ बात करें तो इस बंगले के दूसरी तरफ हज भवन है और इस बंगले के पीछे एक मस्जिद भी है, वहां रह रहे स्थानीय लोगों का मानना है कि यह बंगला शुभ नहीं है.
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