कुल संपत्ति, कहां से पढ़ाई, कितने केस दर्ज? जानें बिहार BJP के नए अध्यक्ष संजय सरावगी के बारे में सब कुछ

संजय सरावगी 2005 से लगातार विधानसभा का चुनाव जीतते आ रहे हैं. वो आज तक इस चुनाव में कभी हारे नहीं हैं. वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से होते हुए भारतीय जनता पार्टी में आए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बीजेपी ने दरभंगा विधानसभा सीट के विधायक संजय सरावगी को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है
  • संजय सरावगी ने मिथिला यूनिवर्सिटी से बी कॉम, एम कॉम और एमबीए की पढ़ाई पूरी की है
  • सरावगी के पास तीन करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्ति और लगभग 79 लाख रुपये का कर्ज है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पटना:

बीजेपी ने विधायक संजय सरावगी को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. वो दरभंगा विधानसभा सीट के विधायक हैं. छात्र राजनीति से संसदीय राजनीति में आए सरावगी अखिल भारतीय विधार्थी परिषद से जुड़े रहे. वो 1995 में एबीवीपी से बीजेपी में आए थे. पिछले महीने हुए चुनाव में उन्होंने विकासशील इंसान पार्टी के उमेश सहनी को करीब 25 हजार वोटों से हराया था. वो इस सीट से 2005 से लगातार जीतते आ रहे हैं. सरावगी बीजेपी के निवर्तमान अध्यक्ष डॉक्टर दिलीप जायसवाल की जगह लेंगे.

संजय सरावगी ने कहां से की पढ़ाई और कितने पढ़े-लिखे हैं?

दरभंगा में 28 अगस्त 1969 को पैदा हुए सरावगी मारवाड़ी समाज से आते हैं. संजय सरावगी ने 1984 में बिहार बोर्ड से हाई स्कूल की परीक्षा पास की थी.उन्होंने 1989 में दरभंगा की मिथिला यूनिवर्सिटी से बी कॉम की डिग्री ली और उसी विश्वविद्यालय से 1991 में एम कॉम की परीक्षा पास की. सरावगी ने मिथिला यूनिवर्सिटी से ही 1993 में  एमबीए की पढ़ाई की. विधानसभा चुनाव के समय दायर किए गए हलफनामे के मुताबिक सरावगी के पास तीन करोड़ 76 लाख से अधिक की अचल संपत्तियां हैं. इसके अलावा उन पर करीब 79 लाख रुपये का कर्ज भी है. उनके ऊपर कुल तीन मामले दर्ज हैं. इसमें रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने के मामले शामिल हैं.

सरावगी छात्र जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के छात्र संगठन अखिल भारतीय विधार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ गए थे. वो 1995 एबीवीपी से बीजेपी में आए थे.बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा में पदाधिकारी बनाया गया था. वो बीजेपी में रहते हुए दरभंगा नगर मंडल अध्यक्ष, जिला महामंत्री,प्रदेश गोवंश प्रकोष्ठ के संयोजक, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, कई जिलों में संगठन प्रभारी और सदस्यता प्रभारी भी रहे हैं. 

बीजेपी के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ दरभंगा के विधायक संजय सरावगी.

सरावगी ने 2003 में पहला चुनाव दरभंगा नगर निगम के वार्ड संख्या छह के सदस्य का लड़ा और जीता था. बीजेपी ने मार्च 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में दरभंगा नगर से उम्मीदवार बनाया था. वो बीजेपी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए जीते थे. नवंबर 2005 में दोबारा हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्हें सफलता मिली थी. उसके बाद ही वो 2010, 2015, 2020 और 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में दरभंगा नगर सीट से लगातार जीत रहे हैं. 

क्या राजस्व मंत्री ही बनता है बिहार बीजेपी का अध्यक्ष?

हालांकि बीजेपी ने उन्हें पहली बार 2025 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही मंत्री बनाया था. उन्हें राजस्व विभाग की जिम्मेदारी मिली थी. लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद गठित मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली थी. हालांकि विधानसभा चुनाव के बाद नए मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली. दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले दिलीप जायसवाल भी राजस्व मंत्री के बाद प्रदेश अध्यक्ष के पद पर पहुंचे थे. 

नवंबर 2021 में संजय सरावगी और राजद के विधायक भाई वीरेंद्र के बीच विधानसभा परिसर में तीखी बहस हो गई थी. उस दौरान दोनों नेताओं के बीच हाथपाई की नौबत आ गई थी. लेकिन पत्रकारों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था. बाद में भाई वीरेंद्र उन्हें मनाने पहुंचे. बाद में दोनों नेता गले मिले थे.

Advertisement

संजय सरावगी बिहार की दरभंगा सीट से 2005 से जीतते आ रहे हैं.

पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में संजय सरावगी ने विकासशीसल इंसान पार्टी (वीआईपी) के मुकेश सहनी को करीब 25 हजार वोटों के भारी अंतर से हराया है.चुनाव आयोग के मुताबिक सरावगी को 97 हजार 453 और सहनी को 72 हजार 860 वोट मिले थे. सरावगी ने 24 हजार 593 वोट से सहनी को हराया था. 

ये भी पढ़ें: मनरेगा में महात्मा गांधी की जगह आए 'राम', छिड़ गया सियासी संग्राम 

Featured Video Of The Day
India Vs Pakistan | T20 World Cup 2026: भारत ने Handshake न करने की पॉलिसी रखी बरकरार | IND vs PAK
Topics mentioned in this article