- मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय अलका कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी
- परिजन अलका कुमारी का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया
- पुलिस ने संदिग्ध मौत की जांच के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अंतिम संस्कार रोक दिया
बिहार के मधेपुरा का एक परिवार अपनी 18 साल की बेटी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था. तभी वहां पुलिस आ गई और शव को अपने साथ लेकर चली गई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामला संदिग्ध मौत से जुड़ा था और बिना पोस्टमार्टम के ही परिजन अंतिम संस्कार कर रहे थे. संदिग्ध मौत की जांच करने के सिलसिले में पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
मामला मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के पिपरा करौती वार्ड का है. यहां 18 साल की अलका कुमारी की अचानक तबियत बिगड़ी और फिर मौत हो गई. इसके बाद परिजन उसका शव घर लेकर आए और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी. इसी बीच पुलिस ने वहां पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया.
परिजनों ने बताया कि देर रात अलका की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजन उसका शव घर लाकर अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए. इसी बीच पुलिस को इस घटना का पता चल गया. पुलिस की टीम गांव पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोक दी गई. परिजनों ने बताया कि चार बहनों में अलका सबसे छोटी थी. उसका एक भाई है, जो इस साल मैट्रिक की परीक्षा देगा.
उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि लड़की की संदिग्ध मौत की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची थी. परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे. उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी.














