कहीं हंगामा, कहीं गोलीबारी, पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में सिर्फ 38% वोटिंग; अब नतीजों का इंतजार

पटना यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो गई है. वोटिंग के दौरान हंगामे और गोलीबारी की घटना भी सामने आई है. कहीं पुलिस के साथ भी झड़प की खबर है.

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PUSU चुनाव में वोटिंग के बाद छात्राएं.
IANS
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  • पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में कुल 37.84 प्रतिशत वोटिंग हुई जिसमें 7577 विद्यार्थियों ने मतदान किया
  • मतदान के दौरान बीएन कॉलेज, पटना कॉलेज और साइंस कॉलेज में हिंसा तथा फर्जी वोटिंग की कोशिशें हुईं
  • साइंस कॉलेज के बैलेट पेपर पर प्रत्याशी का नाम गलत छपने से विवाद उत्पन्न हुआ और प्रदर्शन भी हुआ
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पटना:

हंगामे और गोली चलने की घटना के बीच पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए वोटिंग समाप्त हो गई. चुनाव में 37.84% वोटिंग हुई. 20 हजार 19 में से 7577 विद्यार्थियों ने ही वोट डाले. विमेंस कॉलेज में सबसे अधिक 2470 वोट डाले गए. शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और देर रात तक परिणाम आयेंगे. आर्ट्स एंड क्राफ्ट कॉलेज में वोटों की गिनती होगी. इस बार सेंट्रल पैनल पर 41 उम्मीदवार मैदान में हैं. छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर छात्र JDU, NSUI और ABVP में कड़ी टक्कर है. विमेंस कॉलेज, मगध महिला कॉलेज की वोटर इस बार भी अहम साबित होंगी. इन दोनों जगहों पर लड़कियों की लंबी कतार दिखाई दी. 

हंगामा, गोलीबारी, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के बीच चुनाव

वोटिंग के दौरान बीएन कॉलेज, पटना कॉलेज, पटना साइंस कॉलेज में कई बार बवाल भी हुआ. बीएन कॉलेज और पटना कॉलेज में फर्जी वोट डालने की कोशिश करने वाले छात्रों को प्रशासन ने रोका. वहीं साइंस कॉलेज में दो राउंड फायरिंग से माहौल तनावपूर्ण हो गया. बैलेट पेपर पर गलत नाम छपने पर तेजप्रताप यादव की पार्टी के कैंडिडेट ने भारी बवाल किया. दरअसल, बैलेट पर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रिंकल यादव की जगह रिंकल कुमार नाम छप गया था..

इस बात की जानकारी मिलने पर प्रत्याशी ने हंगामा किया, उन्होंने साइंस कॉलेज में बैलेट फेक दिए. वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. हंगामे को शांत करने के लिए पुलिस टीम पहुंची तो उन्होंने पुलिस से धक्का - मुक्की की. पुलिस ने बड़ी मशक्कत से उन्हें हिरासत में लिया, फिर छोड़ दिया.

महिला कॉलेज में अटेंडेंस तो मेन कैंपस में सुरक्षा मुद्दा

महिला कॉलेज की ज्यादातर छात्राओं ने अटेंडेंस की चाह में वोटिंग की है. पटना विमेंस कॉलेज की छात्रा एलिजा कहती हैं कि यहां हमें 4 अटेंडेंस मिल जाएंगे. ऐसे भी कोई जीतता है तो दोबारा नहीं आता. अदिति बताती हैं कि सिर्फ टॉयलेट की सफाई छोड़ दें तो विमेंस कॉलेज में कोई परेशानी नहीं है. हम अपने मुद्दों के लिए नहीं अटेंडेंस पाने के लिए वोट कर रहे हैं. पटना साइंस कॉलेज के छात्र गौतम मौर्य कहते हैं कि कैंपस में सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है. कभी भी हिंसा होती है, गोली चलती है. हम चाहते हैं कि यह सब बंद हो. 

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हर बार की तरह विमेंस कॉलेज तय करेगा विजेता

पिछले चार चुनाव से पटना विमेंस कॉलेज और मगध महिला कॉलेज ही विजेता तय करता है. दरअसल, 2012 के बाद 2018 के फरवरी में जब पहली बार चुनाव हुए तो विमेंस कॉलेज में सिर्फ 11% वोटिंग हुई थी. इसके बाद प्रशासन ने अटेंडेंस देने का फैसला किया. तब वोटिंग बढ़ी. विमेंस कॉलेज सबसे बड़ा कॉलेज है. इसलिए विमेंस कॉलेज चुनाव को प्रभावित करता है. पिछली बार ABVP ने इसी कॉलेज से अपना उम्मीदवार उतारा था और पहली बार छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर लड़की ने कब्जा जमाया था. इसलिए ABVP ने यह प्रयोग दोहराया है. उन्होंने अनुष्का कुमारी को उम्मीदवार बनाया है. 

ABVP, NSUI, छात्र जदयू में त्रिकोणीय मुकाबला 

 इस बार ABVP ने विमेंस कॉलेज की छात्रा अनुष्का कुमारी को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है, इसलिए यह अनुष्का का स्ट्रांग होल्ड माना जा रहा है. हालांकि छात्र जदयू के उम्मीदवार प्रिंस और NSUI के शांतनु ने भी यहां सेंध लगाई है. NSUI के शांतनु का मगध महिला कॉलेज में अच्छा होल्ड है. उन्हें मगध महिला से अच्छे वोट मिलने की उम्मीद है. वहीं छात्र जदयू के प्रिंस ने अलग - अलग कॉलेज में टुकड़ों में वोट जुटाने की कोशिश की है. इससे वे रेस में बने हुए हैं.

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