बिहार में नुसरत परवीन ने ज्वाइन की नौकरी, CM नीतीश कुमार के हिजाब हटाने पर हुआ था विवाद

हिजाब विवाद नुसरत परवीन ने नौकरी ज्वाइन कर ली है. सिविल सर्जन डॉ अविनाश कुमार सिंह ने इस मामले की पुष्टि की है. हालांकि उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार किया है.

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कार्यक्रम के दौरान 'हिजाब' को लेकर चर्चा में आईं मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन ने आखिरकार अपनी नौकरी ज्वाइन कर ली है. बांका के सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि नुसरत ने आधिकारिक तौर पर नौकरी ज्वाइन कर ली है.

6 जनवरी को पूरी हुई कागजी प्रक्रिया

सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह के अनुसार, नुसरत परवीन का मेडिकल चेकअप 6 जनवरी को संपन्न हुआ था. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने उसी दिन अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट सौंप दी. हालांकि, इस संवेदनशील मामले पर सिविल सर्जन ने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने ज्वाइनिंग की पुष्टि जरूर की है.

क्या था पूरा विवाद?

बीते महीने बिहार सरकार के एक नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान यह मामला तब गरमाया था, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंच पर डॉ. नुसरत परवीन को नियुक्ति पत्र दे रहे थे.इस दौरान सीएम ने नुसरत के चेहरे से हिजाब हटाने की कोशिश की थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष ने इसे महिला की निजता और धार्मिक पहचान के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार को जमकर घेरा था.

सियासी गलियारों में मचा था बवाल

वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित पूरे विपक्ष ने मुख्यमंत्री के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की थी. विपक्षी नेताओं का कहना था कि सार्वजनिक मंच पर एक महिला अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार अशोभनीय है. इस मुद्दे पर कई दिनों तक बिहार की सियासत गर्म रही और नीतीश कुमार विपक्षी दलों के निशाने पर रहे.

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