Patna News: बिहार की राजनीति में रविवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जब नीतीश कुमार पहली बार जेडीयू कार्यालय पहुंचे, तो वहां केंद्र बिंदु उनके बेटे निशांत कुमार रहे. भामा शाह जयंती के मौके पर जेडीयू दफ्तर पहुंचे निशांत का जिस तरह से स्वागत हुआ, उसने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है.
निशांत को पहनाया गया चांदी का मुकुट
जेडीयू कार्यकर्ताओं ने निशांत कुमार का भव्य स्वागत किया और उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया. दफ्तर के अंदर 'जय नीतीश' के साथ-साथ 'जय निशांत' और 'तय निशांत' के नारे गूंज रहे थे. कार्यकर्ताओं का यह उत्साह साफ संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर निशांत की सक्रियता को लेकर एक बड़ी सहमति बन रही है.
निशांत के लिए बजाया गया खास सॉन्ग
खबर सिर्फ स्वागत तक सीमित नहीं है, पार्टी ने निशांत कुमार को लेकर खास सॉन्ग (गाने) भी तैयार किए हैं, जो आज दफ्तर में सुनाई दिए. सबसे बड़ी जानकारी यह सामने आई है कि निशांत कुमार 3 मई से बिहार की यात्रा पर निकलने वाले हैं. इस यात्रा को उनके राजनीतिक लॉन्च के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे वे सीधे जनता के बीच अपनी पैठ बनाएंगे.
'नीतीश व्यक्ति नहीं, विचार हैं'
इस हलचल के बीच एमएलसी नीरज कुमार द्वारा लगवाए गए पोस्टरों ने भी सबका ध्यान खींचा, जिसमें नीतीश कुमार को एक 'व्यक्ति' नहीं बल्कि 'विचार' बताया गया. कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने खुद मंच पर मौजूद नेताओं से तालियां बजवाईं. इस दौरान पूर्व मंत्री लेशी सिंह काफी भावुक नजर आईं, जबकि दोनों डिप्टी सीएम और पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी व विजेंद्र यादव भी वहां मौजूद रहे.
क्या शुरू होने वाला है जेडीयू में नया अध्याय?
नीतीश कुमार द्वारा पार्टी कार्यालय का बारीकी से निरीक्षण करना और निशांत कुमार का इस तरह फ्रंट फुट पर आना यह दर्शाता है कि जेडीयू अब भविष्य की राजनीति के लिए अपनी बिसात बिछा चुकी है. चांदी का मुकुट और बिहार यात्रा का ऐलान इस बात की पुष्टि करता है कि आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता के समीकरणों में निशांत कुमार एक अहम भूमिका में नजर आ सकते हैं.
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