बिहार के नालंदा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दरोगा का रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. रिश्वत के साथ दरोगा की गिरफ्तारी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, राजगीर थाना में तैनात दरोगा देवकांत कुमार को 90 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई शनिवार को राजगीर थाना क्षेत्र के गिरियक मार्ग में की गई.
एक मुकदमे में मदद के नाम पर ले रहे थे रिश्वत
जानकारी के अनुसार, दरोगा देवकांत कुमार आर्म्स एक्ट के एक मामले में मदद करने के नाम पर रिश्वत ले रहे थे. इसी दौरान सादे लिबास में पहले से मौजूद निगरानी की टीम ने उन्हें पकड़ लिया. पूरी कार्रवाई निगरानी डीएसपी श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में की गई. गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी दरोगा को अपने साथ पटना ले गई, जहां उन्हें निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा.
90 हजार रुपये में तय हुई थी डील
शिकायतकर्ता नालंदा मोड़ निवासी डॉक्टर रवि शंकर कुमार ने बताया कि उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट का झूठा मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था. आठ दिन बाद जमानत पर रिहा होने के बाद दरोगा ने केस डायरी में मदद के लिए पहले 20 हजार रुपये ले लिए. इसके बाद एक लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में 90 हजार रुपये में तय हुई.
दरोगा की लाइसेंसी रिवॉल्वर जब्त
पीड़ित के अनुसार, दरोगा ने कहा था कि 50 हजार रुपये डीएसपी को देने हैं और 40 हजार वह खुद रखेंगे. रिश्वत लेने के लिए दरोगा ने गिरियक मार्ग पर बुलाया था, जहां वह बाइक से पहुंचे और जैसे ही पैसे लिए, निगरानी की टीम ने उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी दारोगा का लाइसेंसी रिवॉल्वर भी जब्त कर लिया है. फिलहाल निगरानी विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है.
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