- तेज प्रताप यादव 16 अप्रैल से बिहार के 38 जिलों में पैदल यात्रा निकालकर राजनीतिक सक्रियता बढ़ाएंगे
- जनशक्ति जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक 16 अप्रैल को तेज प्रताप के जन्मदिन पर आयोजित होगी
- पार्टी 2025 विधानसभा चुनाव और एमएलसी चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने की योजना बना रही है
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार आरजेडी छोड़ अपनी अलग पार्टी बना चुनावी किस्मत अजमाने वाले तेज प्रताप यादव एक और प्रयोग करने जा रहे हैं. महुआ से 2025 विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तेज प्रताप यादव बिहार में पैदल यात्रा निकालेंगे. लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप की यह यात्रा बिहार के 38 जिलों से होकर गुजरेगी और संभवत: 16 अप्रैल से इसका आगाज भी हो सकता है क्योंकि उस दिन जनशक्ति जनता दल के चीफ तेज प्रताप यादव का जन्मदिन भी है.
जन्मदिन के दिन होगी बैठक
जेजेडी की ओरे से बताया गया है कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और खुला अधिवेशन की बैठक 16 अप्रैल को होगी. पार्टी ने आगे बताया कि 16 अप्रैल शुभ दिन है.उस दिन हमारे नेता का जन्मदिन भी है.उस बैठक में पार्टी के आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा. जनशक्ति जनता दल ने यह भी बताया कि एमएलसी चुनाव में भी हमारी पार्टी सभी सीटों पर कैंडिडेट उतरेगी.तेज प्रताप यादव ने कहा कि होली के बाद से हमारी यह यात्रा शुरू होगी.MLC सुनील सिंह पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि हम उनको बता देते हैं कि हमारे जो मामा थे वह उनके चेले रह चुके हैं.उनके पीछे-पीछे घुमा करते थे.
मामा सुनील सिंह पर खूब बरसे
तेज प्रताप ने कहा कि सुनील सिंह ने तो RJD को खोखला कर दिया ,अपनी वाणी पर संयम नहीं रखेंगे तो खुद भी जल्द खोखले हो जाएंगे. सुनील सिंह ने मुझे बच्चा कहा है.बच्चा कब चाचा निकल जाएगा कोई नहीं जनता है.तेज प्रताप ने धमकी भरे स्वर में कहा कि सुनील सिंह अपने वाणी पर संयम रखिए नहीं तो आपकों सुधार दिया जाएगा.
बहन रोहिणी का भी जिक्र
मामा सुनील सिंह पर हमला जारी रखते हुए तेज प्रताप ने कहा कि RJD के लोगों का आपने कई बार अपमान किया है. राजद का क्या मामला है मुझे नहीं पता. इसलिए RJD 25 सीटों पर आ गई. जेजेडी चीफ ने आगे कहा कि RJD में जो जयचंद हैं,उन्होंने मेरे पिता लालू यादव को बर्बाद कर दिया.अब मेरे पिता का RJD में कुछ नहीं चलता है.
बहन रोहिणी आचार्या का जिक्र करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि उस घर में हमारी बहन रोहिणी आचार्य का अपमान किया गया. इन जयचंदों ने ही मेरी बहन का अपमान किया है.अब वह कभी उस घर में वापस लौट कर नहीं आएगी.सुनील सिंह ने भी रोहिणी का अपमान किया.वो क्या बोलेगा,उसकी मेरे सामने खड़े होने की हैषियत है? उसको ओपन चैंलेज देते हैं,मेरे सामने खड़े हो कर दिखाओ.मेरे पिता जी नहीं होते तो सुनील सिंह को कौन पूछता.














