Bihar News: दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेडीयू विधायक अनंत सिंह जेल से बाहर आ गए हैं. रिहाई के अगले दिन उन्होंने अपनी भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की है. मंगलवार, 24 मार्च को अनंत सिंह ने घोषणा की है कि वे अब खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे.
बेटे अभिषेक सिंह की राजनीति में एंट्री के संकेत
जब अनंत सिंह से उनके चुनावी भविष्य और उनके बेटे अभिषेक सिंह की सियासत में एंट्री को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, 'मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा.' बेटे के चुनाव लड़ने की संभावना पर उन्होंने स्पष्ट किया, 'वह जनता के बीच आएगा, जनता का काम करेगा, तो लड़ेगा.' इसे मोकामा की राजनीति में उनके उत्तराधिकारी की आधिकारिक लॉन्चिंग के तौर पर देखा जा रहा है.
'साजिश के तहत फंसाया गया, मैं घटनास्थल पर नहीं था'
अपनी रिहाई के बाद पहली प्रतिक्रिया में अनंत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया. उन्होंने कहा, 'घटना के समय मैं मौके से करीब 4 किलोमीटर दूर था. हमें एक साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है, हम पूरी तरह बेगुनाह हैं.' गौरतलब है कि 20 मार्च को हाई कोर्ट से बेल मिलने के बाद वे 23 मार्च को जेल से बाहर आए हैं.
15 दिन बाद करेंगे मोकामा का दौरा
अपने विधानसभा क्षेत्र जाने के सवाल पर अनंत सिंह ने बताया कि वे अभी तुरंत नहीं, बल्कि 15 दिन बाद मोकामा जाएंगे. उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि अभी खेतों में कटनी का काम चल रहा है, इसलिए वे कुछ समय बाद किसानों और जनता से मिलने पहुंचेंगे. उन्होंने यह भी माना कि क्षेत्र की जनता उनसे मिलने के लिए उत्सुक है.
पटना से मोकामा तक रोड शो
आज अनंत सिंह अपने पटना स्थित सरकारी आवास से मोकामा के लिए रवाना हुए. इस दौरान उनके समर्थकों द्वारा एक भव्य रोड शो का आयोजन किया गया है. 2025-26 के चुनावी समीकरणों के लिहाज से अनंत सिंह की रिहाई और उनका चुनाव न लड़ने का फैसला बिहार की राजनीति में काफी अहम माना जा रहा है.
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