Impact of Israel-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब बिहार के बोधगया तक पहुंच गया है, जहां विदेशी टूरिस्ट की कमी से टूरिज्म इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ा है. जिससे करोड़ों के बिजनेस पर संकट गहराने लगा है. हालात ऐसे हैं कि ज्ञान और शांति की धरती कहे जाने वाले बोधगया में इन दिनों मुश्किल से ही कोई विदेशी टूरिस्ट दिख रहा है. जिससे यहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है. इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर असर और सिक्योरिटी को लेकर बढ़ती चिंताओं की वजह से विदेशी टूरिस्ट ने बोधगया आना लगभग बंद कर दिया है.
रद्द हुए हजारों टूर, करोड़ों का हो रहा नुकसान
पर्यटन सीजन के चरम पर होने के बावजूद बोधगया का आर्थिक ढांचा चरमरा गया है. महाबोधि मंदिर, जो एक वर्ल्ड हेरिटेज साइट है और कभी यूरोप, अमेरिका और रूस के टूरिस्ट से भरा रहता था, अब सुनसान है. मंदिर परिसर में सिर्फ़ लोकल टूरिस्ट ही दिखते हैं, जिससे पूरे इलाके की इकॉनमिक एक्टिविटीज़ पर असर पड़ रहा है.
टूर ऑपरेटरों के मुताबिक, अप्रैल के बीच यूरोप, अमेरिका, रूस और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से आने वाले लगभग 40 बड़े ग्रुप्स ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं. एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं के न आने से होटल, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प बाजार को करोड़ों रुपये की चपत लगी है. अनुमान है कि प्रत्येक विदेशी पर्यटक औसतन 3 से 4 हजार डॉलर खर्च करता है, जो अब शून्य हो गया है. आलम यह है कि महाबोधि मंदिर समेत अन्य बौद्ध मठों और संस्थानों को मिलने वाला विदेशी दान भी घट गया है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही हालात सामान्य नहीं हुए, तो बोधगया की अर्थव्यवस्था को उबरने में लंबा समय लग सकता है.
बोधगया
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बोधगया में पर्यटन ठप, कारोबारियों पर संकट
बोधगया में अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर पर्यटन उद्योग पर पड़ रहा है. टूर एंड ट्रेवल्स ऑपरेटर सुरेश सिंह ने बताया कि इजरायल और इराक के बीच जारी युद्ध के कारण विदेशी पर्यटक बोधगया आने से कतरा रहे हैं। इसका असर स्थानीय कारोबारियों पर साफ दिख रहा है. हालात इतने ऐसे है कि अब दूसरे रोजगार की तलाश करनी पड़ रही है.
होटल खाली, गाइड्स के सामने बेरोजगारी का संकट
होटल कारोबारी दीपक कुमार ने बताया कि युद्ध के कारण एयरलाइंस के किराए में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे वियतनाम और म्यांमार जैसे देशों के पर्यटकों ने भी पैर खींच लिए हैं. बुद्ध पूर्णिमा जैसे बड़े अवसर के बावजूद अगस्त तक की बुकिंग न के बराबर है.
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