- बिहार के कटिहार जिले के समेली प्रखंड में प्रभारी डॉक्टर विनय कुमार सिंह ड्यूटी पर नशे में पाए गए थे
- ग्रामीणों और मरीजों ने डॉक्टर को संदिग्ध हरकतों के कारण पकड़कर पुलिस को सूचना दी थी
- डॉक्टर ने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर ग्रामीणों से पैसे मांगने का आरोप भी लगाया गया है
नशा करना गलत बात है और ड्यूटी पर तो बिल्कुल नहीं, वरना आपका हाल भी इन डॉक्टर साहब जैसा हो सकता है. सरकारी अस्पताल के एक डॉक्टर साहेब नशे में टुन्न मिले तो ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस वालों ने अस्पताल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया. मामला बिहार के कटिहार जिले के समेली प्रखंड का है. यहां के प्रभारी डॉक्टर विनय कुमार सिंह ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में धुत पाए गए. इसके बाद ग्रामीणों और मरीजों ने उन्हें हरकतें करते हुए देख लिया और पकड़ लिया. सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
दरअसल, समेली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. विनय कुमार सिंह नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंचे. यहां ग्रामीणों और मरीजों ने डॉक्टर को संदिग्ध हरकतों को देखते हुए पकड़ लिया. आरोप है कि डॉक्टर साहब न सिर्फ नशे में थे, बल्कि बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर ग्रामीणों से पैसे की मांग भी कर रहे थे.
डॉक्टर के ड्यूटी पर नशे में आने की सूचना पुलिस को दी गई. पोठिया थाना पुलिस मौके पर और जांच के बाद डॉक्टर को नशे की हालत में अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया.
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आसपास ग्रामीण खड़े दिख रहे हैं और बीच में जमीन पर ही डॉक्टर बैठे हुए हैं. डॉक्टर इतने नशे में है कि उसे कोई सुध ही नहीं है.
वहीं, एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने के कारण ही डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि नशे की हालत ही में वह अभद्र व्यवहार भी कर रहे थे. उन्हें गिरफ्तार कर थाना लाया गया. उन्होंने बताया कि जांच की जा रही है और इसके बाद एफआईआर भी दर्ज की जाएगी. उन्होंने बताया कि अस्पताल में लापरवाही बरतने और जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना स्वास्थ्य विभाग के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है, इसलिए डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.














