बिहार की गोपालगंज पुलिस एक ऐसे मामले में भूमाफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जिनके द्वारा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई और जमीन काश्तकार को अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी. गोपालगंज की कुचायकोट पुलिस ने जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय उर्फ पप्पू पांडे, सतीश पांडेय और राहुल तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसी मामले में अब इन तीनों के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है. जेडीयू विधायक पर भूमाफिया को संरक्षण देने का आरोप है.
विधायक पर भूमाफिया को सह देने का आरोप
दरअसल, कुचायकोट थाना में दो सप्ताह पहले जमीन काश्तकार जितेंद्र राय के द्वारा एफआईआर दर्ज कराया गया था. जिसमें कुख्यात भूमाफिया भोला पांडेय को गिरफ्तार किया गया था. वह जदयू विधायक के कुख्यात अपराधी भाई सतीश पांडेय का खास आदमी है. आरोप है कि विधायक पप्पू पांडेय के सह पर ही सतीश पांडेय और उसके कुछ खास लोग इन दिनों गोपालगंज में जमीन कारोबार में तेजी से पैसे का इनवेस्टमेंट कर रहे थे. एसपी विनय तिवारी के मुताबिक, कुख्यात भोला पांडेय अपने पसंद के किसी भी जमीन का फर्जी कागजात तैयार करता था. फिर जिले में पदस्थापित कुछ अधिकारियों के मिली भगत से उस कागजात का फर्जी तरीके से सत्यापन करा लेता था. फिर उस जमीन पर कब्जा कर लिया जाता था.
खुद इसका खुलासा गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने बीते दिनों किया था. जानकारी के मुताबिक मीरगंज के सेमराव गांव के निवासी जितेंद्र राय ने आरोप लगाया गया था कि जदयू विधायक के सह पर उनके खास आदमी व भूमाफिया भोला पांडेय, सीए राहुल तिवारी, दीपक राम, गुड्डू कुमार और नीतीश पहुंचे. करीब 16 एकड़ में लगे गेहूं की जबरन कटाई और फार्म हाउस का ताला तोड़कर कब्जा कर लेने का आरोप लगाया गया था. इस मामले में एसपी के निर्देश पर भोला पांडेय, गुड्डू कुमार, दीपक राम और नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
जदयू विधायक, भाई और सीए पर दर्ज हुई थी एफआईआर
इसी मामले में पुलिस ने विधायक के करीबी और उनका अकाउंट का हिसाब देखने वाले राहुल तिवारी, जदयू विधायक पप्पू पांडेय, कुख्यात सतीश पांडेय सहित 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस पूरे मामले में जुट गई थी. एसपी विनय तिवारी ने बताया कि कुछ सफेदपोश लोगों का कुख्यात भूमाफिया भोला पांडेय के ऊपर सह है. जो सीधे शरीफ और कामकाजी लोगों के मेहनत से खरीदी गई जमीन पर पहले कब्जा करते है. फिर उन्हें कम कीमत पर जमीन बेचने का दबाव बनाते है. फिर जमीन को जबरन खरीद कर उसे ज्यादा कीमत पर बेचते हैं.
एसपी ने साफ कहा कि इस जमीन से मिले करोड़ों रुपए में से कुछ पैसे को अपने क्षेत्र में लोगों को पैसे बांट कर खुद को दानवीर बनते हैं. इस मामले में एसपी ने किसी का नाम नहीं किया था, लेकिन उनका इशारा जदयू विधायक पप्पू पांडेय के तरफ था. लेकिन इस मामले में जदयू विधायक, उसके भाई और सीए राहुल तिवारी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज हुआ था. अब इसी मामले में कुचायकोट पुलिस ने नामजद विधायक पप्पू पांडेय सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में वारंट के लिए आवेदन दिया था. जिसमें गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया गया है.
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