Sheohar News: बिहार की सत्ता के गलियारों में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नीतीश कुमार (Nitish Kumar) दिल्ली की राजनीति में जाएंगे? इस सस्पेंस के बीच शिवहर सांसद लवली आनंद (Lovely Anand) ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने जेडीयू के भीतर उत्तराधिकार (Succession) की बहस को हवा दे दी है. सांसद ने मुख्यमंत्री के राज्यसभा (Rajya Sabha) जाने की अटकलों पर सीधा प्रहार करते हुए इसे कार्यकर्ताओं के लिए 'पीड़ादायक' बताया है.
'स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा योगदान'
सांसद लवली आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा, 'उन्होंने बिहार को शून्य से शिखर तक पहुंचाया है. उनके योगदान को इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा. नीतीश कुमार ने राज्य में विकास को नई रफ्तार दी है. चाहे वह पुल-पुलिया निर्माण हो, महिलाओं को 50% आरक्षण देना हो या बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना. आज बड़ी संख्या में महिलाएं दरोगा समेत कई पदों पर कार्यरत हैं, जो उनकी नीतियों का परिणाम है.'
'नीतीश को निर्णय पर विचार करना चाहिए'
लेकिन, उनके राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर लवली आनंद ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा, 'यह फैसला किसका है मैं नहीं जानती, लेकिन इससे जनता और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी और पीड़ा है. नीतीश कुमार को बिहार के हित में अपने इस निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए.'
निशांत कुमार की एंट्री पर 'मुहर'?
खबर का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा तब आया जब लवली आनंद ने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार का नाम लिया. बिहार में लंबे समय से चर्चा है कि क्या निशांत कुमार राजनीति में आएंगे? लवली आनंद ने इस पर मुहर लगाते हुए कहा, 'निशांत कुमार युवा हैं और राजनीति में आगे बढ़ रहे हैं, यह अच्छी बात है. जेडीयू नेतृत्व जो भी तय करेगा हम साथ हैं, लेकिन मेरी व्यक्तिगत राय है कि निशांत कुमार को एक मौका जरूर मिलना चाहिए.'
बिहार की राजनीति में नया मोड़
लवली आनंद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल लगातार जेडीयू में टूट और नेतृत्व परिवर्तन के दावे कर रहे हैं. सांसद द्वारा सीधे मुख्यमंत्री के बेटे की पैरवी करना यह संकेत देता है कि जेडीयू के भीतर अब भविष्य के नेतृत्व को लेकर मंथन तेज हो गया है.
ये भी पढ़ें:- बिहार सिविल कोर्ट चपरासी प्रीलिम्स परीक्षा की गई रद्द, 15 मार्च को हुआ था एग्जाम














