मोतिहारी: यूरिया के लिए लाइन में खड़ी 8 महिला किसानों को लगा करंट, 2 की हालत गंभीर

किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग के अधिकारियों और खाद दुकानदारों की मिलीभगत से यूरिया की जमकर कालाबाजारी की जा रही है.

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फाइल फोटो
मोतिहारी:

पूर्वी चंपारण जिले में यूरिया की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. जिले के कई प्रखंडों में किसान सड़क जामकर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो कहीं कतार में जमकर मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है. वहीं बुधवार अहले सुबह गोविंदगंज थाना क्षेत्र के लौरिया इफको बाजार में यूरिया के लिए कतार में खड़ी 8 महिलाएं विधुत करंट लगने से लाइन में ही गिर गईं. इसके बाद आसपास के ग्रामीणों और किसानों ने उन्हें जख्मी हालत में अरेराज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया.

डॉक्टरों के मुताबिक दो महिला किसान की हालत गंभीर बताई जा रही है. जख्मी महिलाओं ने बताया कि खाद वितरण कर रहे कर्मियों द्वारा यूरिया की कालाबाजारी करने की नीयत से जान-बूझकर वितरण काउंटर की खिड़की में विधुत करंट लगा दिया था. खिड़की पर पुर्जा कटाने के लिए जाते ही करंट लगने से कतार में लगीं आठ महिला किसान जख्मी हो गईं. अस्पताल में जख्मी महिलाओं को देखने पहुंचे जिला और प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी किसानों के आक्रोश को देखकर उल्टे पांव लौट गए.

वहीं तुरकौलिया में यूरिया खाद कालाबाजारी को लेकर आक्रोशित किसानों ने अरेराज-मोतिहारी पथ को जामकर हंगामा किया. साथ ही प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. इधर संग्रामपुर इफको बाजार में कतार में लगे किसानों द्वारा अपनी बारी व कालाबाजारी को लेकर जमकर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग के अधिकारियों और खाद दुकानदारों की मिलीभगत से यूरिया की जमकर कालाबाजारी की जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा यूरिया का स्टॉक और दुकानदार का नाम प्रकाशित करने पर भी किसानों को दुकानदार द्वारा निर्धारित दर पर यूरिया नहीं दिया जा रहा है. 500 से 600 रुपये प्रति बोरे की दर से दुकानदार खुल्लखुल्ला यूरिया बेच रहे हैं.

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अरेराज बीएओ ने बताया कि डीएम शीर्षत कपिल अशोक के द्वारा निर्धारित दर पर यूरिया बेचने के लिए जब टास्क फोर्स की टीम बना दी गई है, तो खाद दुकानदार यूरिया उठाने के लिये तैयार नहीं हो रहे हैं.

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